5वीं पास- बड़का खेल! घर बैठे ही छाप डाले कड़क कड़क नोट

जहां एक किराए के मकान में 100 रुपये के नकली नोट छापे जाते थे। एसटीएफ आगरा यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

आगरा: नकली नोट का व्यापार कर रहा था पांचवीं पास! आपको झूठ लगेगा, किन्तु परन्तु यही सच है। मामला उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के शहीद नगर सदर इलाके का है।

जहां एक किराए के मकान में 100 रुपये के नकली नोट छापे जाते थे। एसटीएफ आगरा यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

हास्यपद बात यह है कि सरगना महज पांचवीं पास है। बताया जा रहा है कि 100 रुपये की नोटों की गड्डी पांच हजार रुपये में लोगों को चलाने के लिए दी जाती थी।

नकली नोटों का जुआरियों और सट्टेबाजों में बहुत डिमांड थी। आरोपियों के कब्जे से करीब 35 हजार रुपये नकली नोट मिले हैं।

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ऐसे हुआ पर्दाफाश…

मुखबिरी के आधार पर एसटीएफ आगरा यूनिट को खबर मिली थी कि शहर में एक गैंग सक्रिय है, जो नकली नोट की छपाई करता है।

बहरहाल, बाजार में कोई भी सौ रुपये को नोट ध्यान से चेक नहीं करता है। इसी बात का फायदा उठाकर गैंग सौ रुपये का पुराना वाला नकली नोट छापते थे।

बताया जा रहा है कि नकली नोट देहात में खपाए जाते हैं। एक नोट को छापने में महज आठ रुपये का खर्चा आता है। 100 के नोट की गड्डी में दस हजार रुपये होते हैं। यह गड्डी आरोपित पांच हजार रुपये में लोगों को देते हैं।

साथ ही बताया गया कि खरीदने वाले को सीधे-सीधे पांच हजार रुपये का फायदा होता है। गैंग को एक नोट छापने में चार से पांच मिनट का समय लगता है।

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एसटीएफ ने बताया…

एसटीएफ ने बताया कि शिवम तोमर, ओमकार झा निवासी कृष्णापुरी कॉलोनी, कहरई मोड़, अवधेश सविता निवासी शमसाबाद, सुनील सिसौदिया निवासी महादेव नगर, शमसाबाद मार्ग व लाखन निवासी मियांपुर, ताजगंज को गिरफ्तार किया गया है।

साथ ही उन्होंने बताया कि शिवम तोमर गैंग का सरगना है। उसने ही सभी को नोट छापना सिखाया है।