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बस्ती में बोले शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी, बजट गांव, गरीब और किसान कल्याण वाला

उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी आज बस्ती पहुंचे, नव निर्मित बीएसए कार्यालय का उद्घाटन किया। अद्घाटन के बाद मंत्री ने बजट को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा की यह आम बजट ऐतिहासिक है।

Ashiki Patel

Ashiki PatelBy Ashiki Patel

Published on 13 Feb 2021 2:09 PM GMT

बस्ती में बोले शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी, बजट गांव, गरीब और किसान कल्याण वाला
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बस्ती में बोले सतीश द्विवेदी, इस बार का बजट गांव, गरीब, किसान कल्याण वाला है
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बस्ती: उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी आज बस्ती पहुंचे, नव निर्मित बीएसए कार्यालय का उद्घाटन किया। अद्घाटन के बाद मंत्री ने बजट को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा की यह आम बजट ऐतिहासिक है। देश के गांव, गरीब, किसान के कल्याण वाला बजट है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेत़ृत्व में आत्मनिर्भर भारत का जो अभियान चल रहा है, उस अभियान को पूरा करने वाला और वोकल फार लोकल की थीम पर आधारित बजट है।

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चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र को प्राथमिका

सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्राटेक्चर के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया गया है। पहली बार देश के किसी भी बजट में चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र को प्राथमिका दी गई है। उस का बजट बढ़ा करके 92 हजार करोड़ से 2.32 लाख करोड़ किया गया है। मंत्री ने तीन नए कृषि कानून पर बोलते हुए कहा की तीन नए कृषि कानून के माध्यम से किसान और उसके उचित मूल्य के बीच की सारी बाधाओं को खत्म करते हुए सारे बिचौलियों को खत्म करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की आमदनी बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

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बार-बार कहा गया है की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद पहले थी, आज है और कल भी रहेगी, बल्कि समर्थन मूल्य को कृषि उत्पादन के लागत से डेढ़ गुना सुनिश्चित किया गया है। स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट आजादी के बाद से धूल फांक रही थी। कांग्रेस और उन्य दलों की सरकारें आई गई, लेकिन हमारी मोदी सरकार ने एमएसपी लागत की डेढ़ गुना की।

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उन्होंने कहा कि 2013-14 में सरकार गेहूं की खरीद पर 33 हजार करोड़ खर्च करती थी, 2019 में सरकार ने 63 हजार करोड़ का गेहूं खरीदा, इस बार बढ़ कर 75 हजार करोड़ रूपए हो गई है। 2020-21 में 43 लाख किसानों को उस का फायदा मिला। 2013-14 में धान की खरीद 63 हजार करोड़ थी इस बार बढ़ कर 1.45 लाख करोड़ हो गई। 1.2 करोड़ किसानों को इस का फायदा मिला।

रिपोर्ट: अमृत लाल

Ashiki Patel

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