सीएए के विरोध को लेकर यूपी सरकार सख्त, उठाने जा रही है ये कदम

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया की कथित संलिप्तता की बात सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई  है

Published by Deepak Raj Published: February 3, 2020 | 2:25 pm
Modified: February 3, 2020 | 9:38 pm

लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया की कथित संलिप्तता की बात सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई  है अब तक इस संगठन से जुड़े 108 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी और कार्यवाहक डीजीपी हितेशचंद्र अवस्थी ने बताया कि दिसंबर में सीएए के विरोध में प्रदेश में कई जगह हिंसा हुई थी, जिसमें पीएफआई का नाम सामने आया था। हिंसक प्रदर्शन में पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष वसीम अहमद समेत पीएफआई के कोषाध्यक्ष और संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस पीएफआई के फंडिंग नेटवर्क की जांच में लगी है

बीते चार दिनों में 104 लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही यह आंकड़ा अब 108 पर पहुंच गया है। केंद्रीय एजेंसियों की मदद से उत्तर प्रदेश पुलिस पीएफआई के फंडिंग नेटवर्क की जांच में लगी है।

कई जिलों में सक्रिय है पीएफआई

डीजीपी हितेशचंद्र अवस्थी ने बताया कि साल 2001 में SIMI पर प्रतिबंध के बाद वर्ष 2006 में पीएफआई केरल में बना। डीजीपी के मुताबिक पीएफआई का संगठन पूरे यूपी में है। शामली, मुज़फ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, गोंडा, वाराणसी, बहराइच, सीतापुर, गाजियाबाद में पीएफआई सक्रिय है।

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डीजीपी ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि पीएफआई राष्ट्र विरोधी अभियान चला रहा है। सीएए के खिलाफ लोगों को भड़का कर हिंसक प्रदर्शन में पीएफआई की भूमिका सामने आई है।


पीएफआई ने भड़काई हिंसा

डीजीपी ने बताया कि 19 और 20 दिसंबर को पीएफआई के लोगों ने भड़का कर हिंसा फैलाई थी। पीएफआई का प्रदेश अध्यक्ष वसीम अहमद गिरफ्तार हुआ था। बीते चार दिनों में पीएफआई से जुड़े 104 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। डीजीपी ने बताया कि पीएफआई के फंडिंग नेटवर्क की जानकारी के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

कई जिलों में हुई गिरफ्तार किए गए पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष के मामले में जमानत मिलने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि हिंसक प्रदर्शन की अभी जांच चल रही है और कोर्ट में मजबूती से मामला लड़ा जाएगा।

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19 और 20 दिसंबर के हिंसक प्रदर्शन के बाद लखनऊ से 14, सीतापुर से तीन, मेरठ से 21, गाजियाबाद से नौ, मुज़फ्फरनगर से छह, शामली से सात, बिजनौर से चार, वाराणसी से 20, कानपुर से पांच, गोंडा से एक, बहराईच से 16, हापुड़ से एक और जौनपुर से ए की गिरफ्तारी हुई है। पूरे प्रदेश में अबतक पीएफआई के 108 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।