×

फिर लखनऊ में आत्मदाह: विधानभवन के सामने की घटना, बचाने के लिए दौड़े पुलिसकर्मी

अधिकारियों की लापरवाही व नाफरमानी के चलते राजधानी लखनऊ का विधानसभा सुसाइड प्वाइंट बनता जा रहा है। प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह कि शासन सत्ता तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए फरियादियों को आत्मदाह करने जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।

Newstrack
Updated on: 10 March 2021 10:14 AM GMT
फिर लखनऊ में आत्मदाह: विधानभवन के सामने की घटना, बचाने के लिए दौड़े पुलिसकर्मी
X
फोटो— सोशल मीडिया
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

लखनऊ। अधिकारियों की लापरवाही व नाफरमानी के चलते राजधानी लखनऊ का विधानसभा सुसाइड प्वाइंट बनता जा रहा है। प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह कि शासन सत्ता तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए फरियादियों को आत्मदाह करने जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। बावजूद इसके अधिकारी सुधरने को तैयार नहीं, जिसके चलते विधानभवन के सामने आत्मदाह करने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में आज फिर एक महिला ने विधानभवन के सामने आत्मदाह करने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से महिला को बचा लिया गया है।

सुल्तानपुर की रहने वाली है महिला

जानकारी के अनुसार सुल्तानपुर के भवानीपुर की रहने वाली महिला प्रशासनिक उपेक्षा से त्रस्त होकर आज विधानभवन के गेट नंबर 5 के सामने आत्मदाह की कोशिश की। इसके लिए उसने अपने करीब दो लीटर ज्वलनशील लेकर पहुंची थी। विधानभवन के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों ने संदेह होने पर आग लगाने से पहले महिला को रोक लिया, जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। महिला ने बताया कि वह सुल्तानपुर जिले के भवानीपुर की रहने वाली है। वह अपनी समस्या को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों का चक्कर लगाते—लगाते ऊब चुकी है।

इसे भी पढ़ें: एटा में खूनी संघर्ष: मकान को लेकर हुआ भयानक बवाल, छोटे भाई समेत 3 लोग घायल

इंसाफ मिलने की कोई उम्मीद नजर न आते देख उसने आत्मदाह कर शासन—प्रशासन की मृत आत्मा को जगाना चाह रही थी। क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों को लगता है कि गरीब—मजबूर उनका क्या बिगाड़ लेंगे। शायद यही वजह है कि वह फरियादियों की समस्या सुनने की जगह उन्हें दौड़ाने में लगे रहते हैं। जबकि लोगों का कहना है कि योगी सरकार ने अधिकारियों को पूरी छूट देकर उन्हें और बेलगाम कर दिया है, जिसका खामियाजा हर किसी को भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल सुल्तानपुर की इस महिला की जान तो बच गई है, लेकिन देखना होगा कि क्या जीते जी उसे प्रशासनिक नक्कारखाने से इंसाफ मिल पाएगा।

इसे भी पढ़ें: राम मंदिर के निर्माण के बाद, हम दिल्ली के बुजुर्गों को अयोध्या में दर्शन के लिए ले जाएंगे: CM केजरीवाल

Newstrack

Newstrack

Next Story