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'रोड नहीं तो वोट नहीं' के स्लोगन के साथ ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का किया बहिष्कार

बीजेपी सांसद बीजेपी अंजू बाला चुनाव जीतने के बाद इस गांव में कभी नही आई हैं। पूरे गाँव में एक भी सड़क नही बनी है पूरा गाँव मूलभूत सुविधाओं से कोषों दूर हैं। जबकि स्थानीय विधायक और सांसद दोनों ही बीजेपी के हैं। इसके बाद भी इस गांव का विकास नही हो पाया हैं। 

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 15 April 2019 8:07 AM GMT

रोड नहीं तो वोट नहीं के स्लोगन के साथ ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का किया बहिष्कार
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कानपुर: महदेवा गाँव के ग्रामीणों ने 2019 लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया हैं। ढोलक मंजीरा और हाथों में बैनर लेकर ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया। ग्रामीणों का कहना है कि रोड नही तो वोट नही ,किसी भी दल के नेता का गाँव में आना सख्त मना हैं। दरसल ये गाँव मिश्रिख लोकसभा सीट में आता हैं,गाँव सड़क ,बिजली ,पानी की नहीं हैं।

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बीजेपी सांसद बीजेपी अंजू बाला चुनाव जीतने के बाद इस गांव में कभी नही आई हैं। पूरे गाँव में एक भी सड़क नही बनी है पूरा गाँव मूलभूत सुविधाओं से कोषों दूर हैं। जबकि स्थानीय विधायक और सांसद दोनों ही बीजेपी के हैं। इसके बाद भी इस गांव का विकास नही हो पाया हैं।

महदेवा गाँव बिल्हौर विधानसभा सीट में आता हैं और ये विधानसभा मिश्रिख लोकसभा में आती हैं'। महदेवा गाँव में लगभग 500 वोटर है। ग्रामीणों का आरोप है कि 2014 लोकसभा चुनाव जीतने के बाद बीजेपी सांसद अंजू बाला इस गांव में कभी नही आई। जब ग्रामीणों ने उनसे गाँव की सड़क ,बिजली ,पानी के लिए गुहार लगाई तो उन्होंने सिर्फ आश्वासन ही दिया है। पूरा कार्यकाल बीतने के बाद भी गांव एक रूपए का भी विकास कार्य नही कराया गया। बिल्हौर से बीजेपी विधायक भगवती प्रसाद सागर भी उदासीन रवैया अपनाए है।

दिव्यांग घनश्याम के मुताबिक यह गाँव यादव बहुल है। यहां पर यादव ,क्षत्रिय और एससी जाति के लोग रहते है। उन्होंने बताया कि यादव बहुल होने की वजह से बीजेपी के नेता गांव में विकास कार्य नही कराना चाहते है। उनका मानना है कि गांव में कितना भी विकास कार्य करा दो लेकिन इनका वोट सपा को ही जाना है। इसी वजह से गांव के विकास को गति नहीं मिल रही है।

ग्राम प्रधान सर्वेश यादव के मुताबिक गांव में सड़क और खडंजा तक नही है। मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाली सड़क का भी निर्माण नही हुआ है। बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव की वजह से पूरा गाँव घरों में कैद हो जाता है। सिचाई के लिए बिजली पानी का संघर्ष करना पड़ता है। इसके साथ ही आवारा मवेशी हमारी फसलों को बर्बाद कर रहे है। जब हमने सांसद और विधायक से गांव के विकास कार्य के लिए चर्चा की तो सिर्फ आश्वासन ही मिला।

पूरे गाँव ने बैठ कर फैसला किया है कि 2019 लोकसभा चुनाव का ग्रामीण बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही गांव की मुख्य सड़क पर एक बैनर लगाया जाएंगा जिसमे चेतावनी लिखी जाएगी कि किसी भी दल के नेता का आना गाँव म वर्जित है।

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बीजेपी ने मिश्रिख लोकसभा सीट से अंजू बाला का टिकट काटते हुए अशोक रावत को कैंडिडेट बनाया है। वही बीएसपी ने नीलू सत्यार्थी को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने मंजरी राही को मैदान में उतारा है। इस लोकसभा सीट पर प्रसपा की अरुणा कोरी मैदान में है और वो विपक्षी पार्टियों को कड़ी टक्कर दे रही है।

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