आखिर जीजा साले को मारा कौन !

मध्य प्रदेश की पुलिस के इस दावे को यूपी पुलिस ने सोमवार को नकार दिया। यूपी पुलिस के एक एडीजी ने बताया कि बबुली कोल लवलेश का जीजा है, दोनों जीजा-साले है। कुछ दिनों से यूपी पुलिस को पता लगा था कि मुद्दे को लेकर दोनों अलग-अलग अपना गिरोह चला रहे हैं।

धनंजय सिंह

लखनऊ: विंध्य पर्वत श्रृंखला के मध्य स्थित चित्रकूट जिले के पाठा क्षेत्र में आतंक के पर्याय बने जीजा साले का अंत हो गया। आखिर इन जीजा साले को मध्य प्रदेश पुलिस मारी या आपसी गैंगवार में मारे गए। इनके मरने के साथ यह एक पहेली बनकर रह गयी। जीजा बबुली कोल पर सात लाख और साले लवलेश पर दो लाख का इनाम घोषित था, इनको रविवार की देर रात मध्य प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है।

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दुर्दांत डकैत बबली कोल एवं लवलेश कोल पुलिस एनकाउंटर में मारे गये हैं

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने पिछले दिनों चित्रकूट के दौरे के दौरान पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी कि मुझे दस्यु बबुली कोल मुझे चाहिए, उनकी हिदायत मिलते ही यूपी पुलिस सक्रिय हो गयी।

उससे पहले यूपी पुलिस कुछ कर पाती, मध्य प्रदेश पुलिस के महानिरीक्षक रीवा जोन चंचल शेखर एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रीवा क्षेत्र अविनाश शर्मा ने दावा किया कि 15 सितम्बर कि रात को चित्रकूट के तराई क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने दुर्दांत डकैत बबली कोल एवं लवलेश कोल पुलिस एनकाउंटर में मारे गये हैं।

आपसी मन मुटाव में दोनों गैंग का रविवार की रात में आपसी गैंगवार हो गया था

मध्य प्रदेश की पुलिस के इस दावे को यूपी पुलिस ने सोमवार को नकार दिया। यूपी पुलिस के एक एडीजी ने बताया कि बबुली कोल लवलेश का जीजा है, दोनों जीजा-साले है। कुछ दिनों से यूपी पुलिस को पता लगा था कि मुद्दे को लेकर दोनों अलग-अलग अपना गिरोह चला रहे हैं। अब इस जोन में दोनों यही डकैत के गिरोह बचे थे। इन दोनों में आपसी मन मुटाव में दोनों गैंग का रविवार की रात में आपसी गैंगवार हो गया था, जिससे दोनों मारे गए। इनको मारने में मध्य प्रदेश पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।

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उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में आतंक का पर्याय बना सात लाख का कुख्यात इनामी डकैत बबली कोल गैंग के साथी दो लाख के इनामी डकैत लवलेश कोल के साथ मध्य प्रदेश के धारकुंडी थाना क्षेत्र के लेदरी के जंगलों में गैंगवार में मारा गया।

दुर्दांत डकैतों को मौत के घाट उतारने वाले लोली पटेल ने मध्य प्रदेश पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया है। उधर, मध्य प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ में दस्यु दस्यु बबली कोल और लवलेश कोल के मारे जाने का दावा किया है। दोनों खूंखार डकैतों के शव भी बरामद कर लिए गए हैं।

बबली कोल गिरोह के द्वारा लगातार अबोध ग्रामीणों पर अत्याचार किया जा रहा था

उल्लेखनीय है कि गैंग की दहशत के कारण कोई भी ग्रामीण जन रिपोर्ट करने सामने नहीं आते थे। बबली कोल गिरोह के द्वारा लगातार अबोध ग्रामीणों पर अत्याचार किया जा रहा था। मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की पुलिस लगातार लिस्टेड डकैत बबली गैंग की धरपकड़ हेतु प्रयास भी किए जा रहे थे।

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बबुली कोल गिरोह द्वारा ग्रामीणों को पकड़कर उनके घर वालों द्वारा पैसे की मांग की जाती थी जिससे पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में आतंक का माहौल था। दोनों राज्यों की पुलिस की कई टीमें बहुत बबुली कोल के खात्मे के लिए जंगल में उतरी हुई थी।

अंततः मध्य प्रदेश के सतना पुलिस टीम को यह कामयाबी हासिल हुई। पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन चंचल शेखर ने बताया कि चित्रकूट के तराई क्षेत्र में डकैतों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। जिससे फिर होई नया गैंग न पनप सके। जनता की जान-माल की सुरक्षा के लिए रीवा जोन की पुलिस संकल्पित है तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में सदैव जनता का सहयोग लेकर कार्य करती रहेगी।