×

Afghanistan: काबुल की मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले का तालिबान ने लिया बदला, ISIS के ठिकाने किए तबाह

तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता बिलाल करीमी ने कहा कि तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि तालिबान ने उत्तरी काबुल में खैर खाना के पड़ोस में इस्लामिक स्टेट के एक संचालन केंद्र पर कार्रवाई की।

Network
Newstrack NetworkPublished By Deepak Kumar
Updated on: 5 Oct 2021 2:41 AM GMT
Afghanistan: काबुल की मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले का तालिबान ने लिया बदला, ISIS के ठिकाने किए तबाह
X

तालिबान। (Social Media)

  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

Afghanistan: काबुल (Kabul) में ईदगाह मस्जिद के बाहर घातक विस्फोट के कुछ घंटे बाद उसके बलों ने अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी में इस्लामिक स्टेट (Islamic State ISIS-K) के ठिकाने पर हमला किया और कई आतंकवादियों को ढेर कर दिया। ईदगाह मस्जिद के बाहर रविवार को हुए विस्फोट में पांच नागरिक मारे गये. किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली लेकिन हमले के फौरन बाद संदेह इस्लामिक स्टेट समूह पर गया जिसने अगस्त के मध्य में काबुल में तालिबान के कब्जे के बाद से उसके खिलाफ हमले तेज कर दिये हैं.

कार्रवाई में तीन की मौत

तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता बिलाल करीमी ने कहा कि आतंक ठिकाने को ध्वस्त करने के साथ, तालिबान के इस ऑपरेशन में तीन लोगों की मौत भी हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को, एक आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद में अपने विस्फोटकों को उड़ा दिया, तालिबान के अधिकारी, संगठन के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद की मां की मौत के बाद शोक जताने मस्जिद में जमा हुए थे।

IS-K ने तेज किए हमले

इस दौरान मारे गए लोगों के आंकड़े पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. पांच से लेकर 10 लोगों की मौत का दावा किया गया है. काबुल में 15 अगस्त को तालिबान के कब्जे के बाद पहली बार हुई इस वारदात की किसी भी समूह या व्यक्ति ने जिम्मेदारी नहीं ली है.

तालिबान के कब्जे के बाद सबसे खतरनाक धमाका

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से रविवार का धमाका सबसे खतरनाक था. इससे पहले 26 अगस्त को भयावह हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली थी, जिसमें काबुल हवाई अड्डे के बाहर 169 से अधिक अफगान लोग और 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे. इस्लामिक स्टेट की खुरासान शाखा का प्रभुत्व अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत नंगरहार में है. वह तालिबान को अपना दुश्मन मानता है. उसने बीते दिनों तालिबान पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है. इसमें जलालाबाद में तालिबान लड़ाकों की गाड़ी पर हमले भी शामिल थे.

Deepak Kumar

Deepak Kumar

Next Story