24 तारीख़ को साल की सबसे बड़ी मुलाकात, इन मुद्दों पर होगी बात

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आने वाली 24 फरवरी को अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर आने वाले हैं। दौरे पर लगी हैं पूरे विश्व की निगाहें

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाली 24 फरवरी को अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर आने वाले हैं। वैसे तो इस दौरे पर पूरे विश्व की निगाहें लगी हैं। लेकिन  खासतौर पर पड़ोसी मुल्क चीन व पाकिस्तान इस दौरे पर अपनी विशेष नज़र रखे हैं।

पूरे विश्व की नजरे इस बात पर लगी है कि 25 फरवरी को दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान किन अहम मुद्दों पर बात होगी।

कई अहम मुद्दों पर होगी वार्ता

प्राप्त जानकारी के मुताबिक ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान सामरिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने सहित रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से लड़ाई, व्यापार, ऊर्जा, दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की यात्रा की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इससे हमारे वैश्विक सामरिक संबंध और मजबूत होंगे। प्रवक्ता ने बताया कि अभी पांच सहमति पत्रों पर चर्चा चल रही है, इसमे बौद्धिक संपदा से जुड़ा एक मामला भी शामिल है।

एन1बी वीजा से संबंधित मामले पर भी होगी चर्चा

ये भी पढ़ें- सुन्नी वक्फ बोर्ड मांग करे तो मस्जिद के लिए भी सरकार बनाएगी ट्रस्ट- उपमुख्यमंत्री

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनो नेताओं के बीच एन1बी वीजा से संबंधित मामले पर भी चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के बीच वार्ता में रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से लड़ाई, व्यापार, ऊर्जा, दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और अन्य द्विपक्षीय मामलों सहित हमारी रणनीतिक भागीदारी से संबंधित मसले शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि दोनों नेता साझा हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

आतंक के खिलाफ मजबूत सहयोगी

 

ये भी पढ़ें- कश्मीर पर भारत ने दी इस मुस्लिम देश को धमकी, कहा- भुगतने होंगे गंभीर परिणाम

प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद भारत-अमेरिका के बीच मजबूत आतंकवाद के खिलाफ सहयोग दिखा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को चिह्नित करने में भी अमेरिका से काफी सहयोग मिला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ट्रम्प के बयान का संदर्भ व्यापार संतुलन से था, उनकी चिंताओं पर ध्यान देने के प्रयास किये गये हैं।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने के सवाल पर रवीश कुमार ने कहा, हम कोई कृत्रिम समय सीमा सृजित नहीं करना चाहते क्योंकि ऐसे समझौतों का लाखों लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ता है और हमारे लिये लोगों के हित सर्वोपरि हैं, ऐसे में जल्दबाजी ठीक नहीं है।