मुस्लिमों पर गरजे इमरान, कहा- पाकिस्तान में नहीं देंगे जगह

नागरिकता कानून को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून की वजह से लाखों मुस्लिमों को भारत छोड़ना पड़ेगा।

जरा पाकिस्तान को देखो: इतनी हिम्मत कि भारत को दे दी धमकी

जरा पाकिस्तान को देखो: इतनी हिम्मत कि भारत को दे दी धमकी

नई दिल्ली: नागरिकता कानून को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून की वजह से लाखों मुस्लिमों को भारत छोड़ना पड़ेगा। पाक पीएम ने कहा कि हम कह सकते हैं कि एक प्रकार से शरणार्थी समस्या होगी जिसके आगे दुनिया की सारी समस्याएं छोटी लगेंगी।

इमरान खान ने यह बयान स्विटजरलैंड के जेनेवा में आयोजित ‘ग्लोबल फॉरम ऑफ रेफ्यूजी’ में दिया है। पाक पीएम इमरान खान ने कहा कि वर्तमान में भारत में एक नागरिकता कानून को लागू किया गया है, जिसकी वजह से भारत के लाखों मुसलमानों को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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उन्होंने कहा कि इस वजह से एक ऐसा शरणार्थी संकट पैदा होगा, जिसके आगे दुनिया के अन्य संकट छोटे लगेंगे। उन्होंने कहा कि इस शरणार्थी संकट की वजह से दक्षिण एशिया के दो परमाणु संपन्न देशों के बीच विवाद भी पैदा हो सकता है।

इस मुद्दे पर दूसरे देशों से आग्रह करते हुए इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान विवादित कश्मीर में भारत द्वारा लगाए गए कर्फ्यू के मद्देनजर भारत से आने वाले अधिक शरणार्थियों को स्थान नहीं देगा।

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तो वहीं बांग्लादेश ने कहा है कि भारत सुबूत पेश करेगा तो बांग्लादेश यहां गैरकानूनी तरीके से रह रहे अपने किसी भी नागरिक को वापस ले लेगा। प्रधानमंत्री शेख हसीना के सलाहकार (अंतरराष्ट्रीय मामले) गौहर रिजवी ने यह बातें कहीं।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा था कि उनके देश ने भारत को अपने उन नागरिकों की सूची देने का अनुरोध किया है, जो उनके यहां गैरकानूनी तरीके से रह रहे हैं। बांग्लादेश उन्हें वापस लौटने की अनुमति देगा।

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नागरिकता संशोधन कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को इस बिल में नागरिकता देने का प्रावधान है। इस कानून में इन तीनों देशों से आने वाले हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रस्ताव है।