US Birthright Citizenship: US में पैदा होने वाले बच्चों को मिलती रहेगी नागरिकता, ट्रंप के आदेश पर कोर्ट ने लगाई रोक

US Birthright Citizenship: ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के साथ ही ताबड़तोड़ फैसले लिए थे। ट्रंप ने अमेरिका में पैदा होने वाले बच्चों को अपने आप देश की नागरिकता प्रदान करने की नीति पर रोक लगा दी थी।

Anshuman Tiwari
Published on: 24 Jan 2025 11:03 AM IST
US Birthright Citizenship: US में पैदा होने वाले बच्चों को मिलती रहेगी नागरिकता, ट्रंप के आदेश पर कोर्ट ने लगाई रोक
X

US में पैदा होने वाले बच्चों को मिलती रहेगी नागरिकता  (photo: social media )

US Birthright Citizenship: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक महत्वपूर्ण आदेश पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। ट्रंप ने अमेरिका में पैदा होने वाले बच्चों को देश की नागरिकता देने के कानून को निरस्त कर दिया था। ट्रंप के इस आदेश पर अमेरिका में हड़कंप मच गया था मगर अब अदालत में इस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ट्रंप के आदेश को असंवैधानिक बताया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने गत 20 जनवरी को दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और शपथ लेने के बाद उन्होंने यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था। इस आदेश से अमेरिकी लोगों की नींद उड़ गई थी मगर अब लोगों ने राहत की सांस ली है। ट्रंप के इस आदेश से अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों पर भी बड़ा असर पड़ने वाला था मगर अब इस आदेश पर अस्थाई रूप से रोक लग गई है।

ट्रंप ने निरस्त कर दिया था कानून

ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के साथ ही ताबड़तोड़ फैसले लिए थे। ट्रंप नेअमेरिका में पैदा होने वाले बच्चों को अपने आप देश की नागरिकता प्रदान करने की नीति पर रोक लगा दी थी। अमेरिकी संविधान में हुए 14वें संशोधन के मुताबिक जन्म के आधार पर नागरिकता देने का प्रविधान है। इसका तात्पर्य यह है कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर बच्चा खुद ही अमेरिका का नागरिक बन जाता है। भले ही उसके माता-पिता की नागरिकता किसी अन्य देश की हो। अमेरिका में यह संविधान संशोधन 1868 में लागू हुआ था और इसका मकसद सबको बराबरी का अधिकार देना था।

अमेरिका में इन दिनों अवैध प्रवासियों और घुसपैठ का मुद्दा गरमाया हुआ है और ट्रंप इसके पूरी तरह खिलाफ रहे हैं। ट्रंप ने जन्म के साथ नागरिकता मिलने के कानून को निरस्त कर दिया था। ट्रंप के आदेश के मुताबिक अगर जन्म के साथ किसी बच्चे को अमेरिका की नागरिकता चाहिए तो उसके माता या पिता में से एक का अमेरिकी नागरिक होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही किसी एक के पास ग्रीन कार्ड होना चाहिए या किसी एक का अमेरिका की सेना में होना जरूरी है।


जज ने ट्रंप के आदेश को असंवैधानिक बताया

अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से ट्रंप के इस आदेश का तीखा विरोध किया जा रहा है। चार डेमोक्रेटिक राज्यों की याचिका पर सीएटल के फेडरल जज ने ट्रंप के इस कार्यकारी आदेश पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति कॉफेनॉर ने इस आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि कोई कानूनविद कैसे कह सकता है कि यह आदेश संवैधानिक है। उन्होंने कहा कि यह आदेश पूरी तरह मेरी समझ से बाहर है और मेरी नजर में पूरी तरह असंवैधानिक है।

वाशिंगटन, एरिजोना, इलिनोइस और ओरेगन जैसे डेमोक्रेटिक राज्यों की ओर से दावा किया गया कि ट्रंप का यह आदेश अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में दिए गए नागरिकता के अधिकार का स्पष्ट तौर पर उल्लंघन करता है। इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अमेरिका में पैदा होने वाला बच्चा अमेरिका का नागरिक माना जाएगा। इस बीच मैसाचुसेट्स की अटॉर्नी जनरल ने अपने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास संवैधानिक अधिकारों को छीनने की शक्ति नहीं है।


अदालती रोक से लोगों को मिली राहत

राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप के आदेश को पहली कानूनी चुनौती मिली है। ट्रंप के आदेश को अमेरिका के 22 राज्यों की ओर से चुनौती दी गई है। अदालत की ओर से रोक लगाए जाने के बाद अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों ने राहत की सांस ली है।


ट्रंप का यह आदेश 20 फरवरी से लागू होने वाला था और ऐसे में अमेरिका में रहने वाले कई भारतीय दंपति समय से पहले डिलीवरी की योजना बना रहे थे। उन्होंने इस संबंध में डॉक्टरों से भी संपर्क स्थापित किया था मगर अब अदालती रोक से लोगों को राहत मिली है।

Anshuman Tiwari
ABOUT THE AUTHOR

Anshuman Tiwari

Political Editoranshuman1tiwari1@gmail.com

न्यूजट्रैक ग्रुप की कोर टीम के सदस्य हूँ। मीडिया में 35 वर्षों से अधिक का करियर है। प्रमुख हिंदी अखबारों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है। देश के प्रतिष्ठित संस्थान Indian Institute of Mass Communication से शिक्षा लेने के बाद दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी में हिंदुस्तान, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा और दैनिक जागरण जैसे विभिन्न प्रमुख समाचार पत्रों में काम किया।

Next Story