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China Ka Nakli Suraj: चीन का नकली सूरज असली सूर्य से 10 गुना ज्यादा गर्म, देश में दिखते हैं कितने Sun

China Ka Nakli Suraj : चीन के नकली सूरज ने 100 सेकेण्ड में 12 करोड़ सेल्सियस का तापमान पैदा कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह तापमान असली सूरज से 10 गुना ज्यादा है।

Neel Mani Lal

Neel Mani LalWritten By Neel Mani LalShivaniPublished By Shivani

Published on 3 Jun 2021 9:18 AM GMT

China Artificial Sun
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चीन का नकली सूरज (फोटो सोशल मीडिया)

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China Ka Nakli Suraj : चीन ने सूरज से कहीं ज्यादा गर्मी और चमक न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर से पैदा कर ली है। कृत्रिम तरीके से पैदा किये गए तापमान और चमक ने असली सूरज (Asli Suraj) की आभा को धुंधला कर दिया है। चीन के इस नकली सूरज (China Ka Nakli Suraj) ने 100 सेकेण्ड में 12 करोड़ सेल्सियस का तापमान पैदा (Suraj Ka Tapman) कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह तापमान असली सूरज से 10 गुना ज्यादा है। पृथ्वी पर आज तक इतना ज्यादा तापमान पैदा नहीं किया जा सका है। इस नकली सूरज का नाम (Nakli Suraj Ka Nam) 'एचएम 2' (HM-2) है।

चीन ने 2006 में बनाना शुरु किया नकली सूरज

चीन को उम्मीद है कि एक्सपेरिमेंटल एडवांस सुपरकंडक्टिंग टोकामक से शक्तिशाली ग्रीन एनर्जी का असीमित स्रोत मिल जाएगा। चीन में कृत्रिम सूरज बनाने के प्रोजेक्ट की शुरुआत 2006 में हुई थी। इसे चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन के साथ साउथवेस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स के वैज्ञानिकों ने मिलकर बनाया है। नयूक्लियर फ्यूजन की मदद से तैयार इस सूरज में एक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग किया गया है। यह सूरज 15 करोड़ डिग्री सेल्सियस तक का तापमान हासिल कर सकता है।

इस प्रोजेक्ट का अगला लक्ष्य एक हफ्ते तक इस रिएक्टर को इसी तापमान पर चलाना हो सकता है। वैज्ञानिकों का अंतिम लक्ष्य तापमान को लंबे समय तक स्थिर बनाए रखना है। चीनी मीडिया के मुताबिक, कृत्रिम के प्रोजेक्ट की कामयाबी ने चीन को विज्ञान की दुनिया में उस मुकाम पर पहुंचा दिया है जहां आज तक अमेरिका, जापान जैसे विकसित देश भी नहीं पहुंच पाए हैं।


चीन के इस प्रयोग में बीस सेकेण्ड के लिए 160 मिलियन सेल्सियस तापमान और ऊष्मा पैदा हुई. इसे तापमान और गर्मी को ऊर्जा के स्रोत की तरह इस्तेमाल करने के लिए रोशनी का देर तक टिकना बेहद ज़रूरी है। अभी चीन ने फ्यूज़न का इस्तेमाल करके एटमी एनर्जी बनाई है। अगर वो प्रोजेक्ट में अगले कदम के तौर फ्यूजन रिएक्शन का इस्तेमाल करेगा तो ऊर्जा चार गुना ज्यादा पैदा होगी। चीन अगर इसमें सफलता हासिल करता है तो ये फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करेगा और ग्रीन एवं क्लीन एनर्जी का उत्पादन होगा।

क्या है फ्यूजन रिएक्टर

फ्यूजन एक प्रक्रिया है, जिसमें गैस को गरम किया जाता है और उसके घटक आयन और इलेक्ट्रॉन को अलग किया जाता है. इसमें हाइड्रोजन जैसे हलके तत्व भी शामिल होते हैं। इसे हिलियम जैसे भारी तत्व के साथ मिलाकर जोरदार प्रहार किया जाता है। फ्यूजन के लिए हाइड्रोजन के एटम को बहुत ही तेज गर्मी और दबाव में रखा जाता है, जब तक वे एक न हो जाएं. उच्च तापमान की प्रक्रिया से प्लाज्मा बनता है। बाद में मजबूत मैगनेटिक फील्ड से प्लाज्मा को रिएक्टर की दीवारों से अलग किया जाता है ताकि यह जल्दी से ठंडा होकर अपनी सारी ऊर्जा खत्म न कर ले। सिचुआन प्रांत में स्थित इस रिएक्टर को सामान्यत: "कृत्रिम सूर्य" के नाम से जाना जाता है।


चीन में कितने सूरज हैं (China Mein Kitne Suraj Hai)

कहा जाता है कि चीन में 5 सूरज दिखते हैं। उत्तरी चीन में 3 या 5 सूरज का अद्भूत नजारा दिखाई देता हैं। सवाल है कि चीन में 5 सूर्य क्यों दिखते हैं (China Me 5 Surya Kyu Dikhai Dete hain)। दरअसल, चीन में कोहरा पड़ने की वजह सूर्य की कई परछाइयां दिखने लगती हैं, जो 5 की संख्या में दिखाई देने लगते हैं।

Shivani

Shivani

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