मुस्लिम महिलाओं को गैर मर्दों के साथ सोने को भेज रहा चीन, पतियों को यहां किया बंद

चीन पूरी दुनिया में शांति की बात करता है, लेकिन उसकी सच्चाई कुछ और ही है। चीन में उईगर मुस्लमानों के ऊपर अत्याचार किए जा रहे हैं जो अब दुनिया से छिपा नहीं है। उईगर मुस्लिमों को हिरासत शिविर में डालकर उन पर अत्याचार किए जा रहे हैं।

नई दिल्ली: चीन पूरी दुनिया में शांति की बात करता है, लेकिन उसकी सच्चाई कुछ और ही है। चीन में उईगर मुस्लमानों के ऊपर अत्याचार किए जा रहे हैं जो अब दुनिया से छिपा नहीं है। उईगर मुस्लिमों को हिरासत शिविर में डालकर उन पर अत्याचार किए जा रहे हैं। चीन मुसलमानों के खिलाफ बनाई नीति की वजह से उसकी आलोचना होती है।

तो वहीं पाकिस्तान दुनिया भर में खुद को इस्लाम का रक्षक बताता है और मुस्लिमों का सबसे बड़ा हितैषी बनता है, चीन में उइगर मुसलमानों के साथ हो रहे अत्याचार चुप्पी साधे बैठा है। पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने पीएम इमरान खान से उइगर मुस्लिमों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। चीन के भीख पर पल रहा पाकिस्तान चीन में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार पर इसलिए चुप है।

गौरतलब है कि चीन में शिनजियांग इलाके में एक करोड़ से अधिक उइगर मुसलमान रहते हैं जिन्हें कथित रूप से डिटेंशन सेंटर में रखा जा रहा है। उइगर और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के आरोप में अमेरिका ने चीन की 28 सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं को बैन कर दिया है।

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एक रिपोर्ट में कहा गया है कि डिटेंशन सेंटर से आई कई महिलाओं ने दावा किया था कि वहां चीन उइगर मुस्लिम महिलाओं को इंजेक्शन देकर बांझ बना रहा है ताकि वो बच्चे पैदा न कर सकें और चीन में उइगर मुस्लिमों की संख्या न बढ़े।

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महिलाओं में ने बताया था कि चीनी सरकार हमें समय-समय पर आकर इंजेक्शन देते थे जिसके बाद हमारा पीरियड्स आना बंद हो गया जिसका साफ मतलब था कि हमें बांझ बनाया जा रहा था। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उइगर मुस्लिम महिलाओं को चीनी मर्दों के साथ सोने के लिए जबरदस्ती मजबूर किया जाता है और इसके लिए वहां एक कार्यक्रम ‘जोड़ी बनाओ और परिवार बनो’ भी चलाया जा रहा है।

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पीड़ित उइगर मुस्लिम महिलाओं ने बताया कि जेल के एक बेहद छोटे से कमरे में 50 लोगों को रखा जाता है और उन्हें खाने में सिर्फ मांस के कुछ टुकड़े मिलते हैं। जुल्म की ये दास्तान और भी कई उइगर समुदाय के लोगों ने भी सुनाई।