टकराव पर लगाम नहीं! चीन की पलटवार, हांगकांग में US सेना का दौरा सस्पेंड

हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अमेरिका द्वारा कानून बनाए जाने के विरोध में चीन ने जवाबी कार्रवाई की है। इसके साथ ही चीन ने अमेरिकी सेना और गैर सरकारी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।

नई दिल्ली: दुनिया की दो सबसे बड़ी शक्तियों के बीच टकराव पर कब लगाम लगेगा, इसको सेकर कुछ कहा नहीं जा सकता है, खबर है कि हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अमेरिका द्वारा कानून बनाए जाने के विरोध में चीन ने जवाबी कार्रवाई की है।
इसके साथ ही चीन ने अमेरिकी सेना और गैर सरकारी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।

अमेरिका के आवेदन को किया रद्द…

दरअसल, चीन ने अमेरिकी युद्धपोत को हांगकांग भेजने संबंधी अमेरिका के आवेदन को रद्द कर दिया है, चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि ये प्रतिबंध ‘नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी ‘ह्यूमन राइट्स वॉच एंड फ्रीडम हाउस’ जैसे एनजीओ पर भी लागू होंगे।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम अमेरिका से गलतियों को सुधारने और अपने आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करने का आग्रह करते हैं, चीन हांगकांग की स्थिरता, समृद्धि और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

पढ़ें पूरा मामला…

बता दें कि हांगकांग में पूरी स्वायत्तता को लेकर लम्बे समय से प्रदर्शन हो रहे हैं, इसी बीच प्रदर्शन के समर्थन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में पारित हुए ‘हांगकांग मानवाधिकार एवं लोकतंत्र अधिनियम 2019’ पर हस्ताक्षर किए थे।

इस अधिनियम के तहत राष्ट्रपति को हांगकांग के तरजीही व्यापार दर्जे की सालाना समीक्षा करने का अधिकार है और अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र की स्वायत्तता खत्म होने की स्थिति में इसे वापस लिए जाने का प्रावधान किया गया है।

राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा…

आपको बता दें कि हस्ताक्षर के बाद राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि मैंने इस विधेयक पर राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग और हांगकांग के लोगों के सम्‍मान के लिए हस्‍ताक्षर किया है, कानून को इस उम्‍मीद से बनाया जा रहा है कि चीन अपने अड़ियल रुख का छोड़ेगा और हांगकांग के नेता और प्रतिनिधियों से सौहार्दपूर्ण तरीके से अपने मतभेदों को सुलझा सकेंगे।

इस अधिनियम पर ट्रंप के हस्‍ताक्षर से पहले चीन ने कई बार इसे लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी, इसके बाद चीन भड़क गया था। उसने चेतावनी भी दी थी कि अगर अमेरिका ने ऐसा नहीं किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

वहीं दूसरी तरफ चीन और अमेरिका के बीच हांगकांग के मुद्दे पर गहमागहमी ऐसे समय हो रही है, जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं चीन और अमेरिका व्यापार युद्ध को खत्म करने की दिशा में प्रथम चरण के व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रही हैं।

US का धन्यवाद…

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद हांगकांग में सैकड़ों लोगों ने रविवार को अमेरिका को धन्यवाद भी दिया, प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी झंडे पर डोनाल्ड ट्रंप की फोटो लगाकर शुक्रिया अदा किया। कई प्रदर्शनकारी ट्रंप की फोटो वाली टीशर्ट और टोपी पहने हुए थे।
इतना ही नहीं, हांगकांग के कई चौराहों पर अमेरिकी झंडे देखने को मिले थे।