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Coronavirus News: कोरोना की मार के बीच चीन ने बनाया एक्सपोर्ट का ऑल टाइम रिकॉर्ड

वर्ष 2020 में चीन का ट्रेड सरप्लस 523.99 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 2021 में बढ़कर रिकॉर्ड 676.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया। ये आंकड़े 1950 में दर्ज किए जाने शुरू हुए थे।

Neel Mani Lal

Written By Neel Mani LalPublished By Divyanshu Rao

Published on 14 Jan 2022 4:54 PM GMT

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अर्थव्यवस्था ग्राफ की प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो:सोशल मीडिया)

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Coronavirus: एक तरफ दुनिया के ज्यादातर देश कोरोना महामारी के प्रभाव से परेशान हैं और अर्थव्यवस्थाएं चरमरा रहीं हैं, वहीं चीन कमाई के रिकार्ड बना रहा है। तमाम अनुमानों के विपरीत चीन ने पूरे 2021 में रिकार्ड मात्रा में एक्सपोर्ट किया है। इस साल उसका ट्रेड सरप्लस जबर्दस्त ऊंचाई पर रहा है। ट्रेड सरप्लस यानी देश का निर्यात इसके आयात से अधिक रहा।

वर्ष 2020 में चीन का ट्रेड सरप्लस 523.99 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 2021 में बढ़कर रिकॉर्ड 676.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया। ये आंकड़े 1950 में दर्ज किए जाने शुरू हुए थेउसके बाद ये सर्वाधिक ऊंचा आंकड़ा है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल दिसंबर के महीने में आयात में भारी कमी आई थी जिसके बाद विशेषज्ञों ने निर्यात को लेकर शंकाएं जताई थीं।

लेकिन चीन ने दिसंबर में भी रिकॉर्ड ट्रेड सरप्लस दर्ज कराया। 676.4 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस किसी भी देश द्वारा दर्ज की गई संभवतः सबसे अधिक वृद्धि है। सेमीकंडक्टर की कमी के कारण विनिर्माण बाधित होने के बावजूद निर्यात में 29.9 फीसदी का इजाफा हुआ है। 2021 में निर्यात बढ़कर 3300 अरब डॉलर पहुंच गया। जबकि चीन का आयात 2021 में 30.1 फीसदी के इजाफे के साथ 2700 अरब डॉलर हो गया।

अर्थव्यवस्था की तस्वीर (फोटो:सोशल मीडिया)

चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है जिसकी आर्थिक स्थिति महामारी के बाद ठोस तरीके से पटरी पर लौटी है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2023 में स्थिर होने से पहले 2022 में चीन की अर्थव्यवस्था 5.2 फीसदी धीमी रहेगी। चीन के घरेलू बाजार में मांग का कम रहेगी इसलिए इस साल भी आयात कम ही रहेगा।

चीन की दौलत पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ी है। साल 2000 में चीन की कुल दौलत 520.59 लाख करोड़ रुपये थी, जो 2020 में बढ़कर 8,924 लाख करोड़ रुपये हो गई। दो दशकों में वैश्विक धन तीन गुना हो गया है, जिसमें चीन सबसे आगे है। चीन ने अमेरिका को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर देश का स्थान हासिल कर लिया है।

Divyanshu Rao

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