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हत्यारा 16000 लोगों का: आज नहीं रहा सबसे खतरनाक जेलर, ऐसे हुआ इसका अंत

दुनिया के महाक्रुर जेलर का आज अंत हो गया। तानाशाह खमेर रूज के शासनकाल में 16 हजार कंबोडियाई नागरिकों को यातना देकर मौत के मुंह के धकेल देने वाले पूर्व जेलर कियांग गुयेक इआव की 77 साल के उम्र में मौत हो गई।

Newstrack
Updated on: 3 Sep 2020 12:13 PM GMT
हत्यारा 16000 लोगों का: आज नहीं रहा सबसे खतरनाक जेलर, ऐसे हुआ इसका अंत
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दुनिया के महाक्रुर जेलर का आज अंत हो गया। तानाशाह खमेर रूज के शासनकाल में 16 हजार कंबोडियाई नागरिकों को यातना देकर मौत के मुंह के धकेल देने वाले पूर्व जेलर कियांग गुयेक इआव की 77 साल के उम्र में मौत हो गई।
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नई दिल्ली: दुनिया के महाक्रुर जेलर का आज अंत हो गया। तानाशाह खमेर रूज के शासनकाल में 16 हजार कंबोडियाई नागरिकों को यातना देकर मौत के मुंह के धकेल देने वाले पूर्व जेलर कियांग गुयेक इआव की 77 साल के उम्र में मौत हो गई। पूर्व जेलर कियांग आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे, अचानक इनको सांस लेने में तकलीफ होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बता दें, सन् 1970 के दशक में कियांग कंबोडिया के तानाशाह खमेर रूज के प्रमुख जेलर थे। उस समय तानाशाह के खिलाफ आवाज उठाने वाले हर कैदी को कियांग जेल में ही मौत की नींद सुला देते थे।

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16 हजार लोगों की हत्या

उस समय 16 हजार लोगों की हत्या और तानाशाह खमेर रूज का साथ देने की वजह से जेलर कियांग को युद्ध अपराधी घोषित किया गया था। 1970 के दशक में वो तानाशाह खमेर रूज शासन में शीर्ष अधिकारी और प्रमुख जेलर हुआ करते थे। साथ ही कियांग को लोग डच के नाम से भी जानते हैं।

jailer Qiang Nguyk Iyav फोटो-सोशल मीडिया

सन् 1970 के दशक में जब लोगों ने तानाशाह खमेर रूज के खिलाफ विद्रोह किया आवाज बुलंद की, तो तानाशाह के कहने पर जेलर कियांग ने क्रूरता की सभी हदें पार कर दी थी। युद्ध में करीब 17 लाख लोगों की मौत हुई थी। विद्रोहियों के दमन के लिए ज्यादातर लोगों को यातना देकर मार दिया गया था।

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इसके बाद 16 हजार लोगों की जान लेने वाले पूर्व जेलर कियांग को संयुक्त राष्ट्र समर्थित न्यायाधिकरण ने साल 2009 में हुई सुनवाई के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जिसके चलते जेल में ही सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें कंबोडियन सोवियत फ्रेंडशिप अस्पताल में भर्ती कराया गया था, यहां इनकी मौत हो गई।

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