कुछ भी मुमकिन है! 19 घंटे से बंद पड़े दिल ने अचानक धड़कना शुरू कर दिया

Heart Beat: बच्चे के हृदय को पुनः चालू करने के सभी प्रयास विफल हो गए थे। लेकिन अचानक उस बच्चे के दिल ने रुकने के 19 घंटे बाद फिर से अपने आप पंप करना शुरू कर दिया।

Neel Mani Lal
Published on: 10 May 2024 10:31 PM IST
The heart which had been closed for 19 hours suddenly started beating
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19 घंटे से बंद पड़े दिल ने अचानक धड़कना शुरू कर दिया: Photo- Social Media

Heart Beat: चमत्कार कब और कहां हो जाये कोई नहीं जानता। चमत्कारों का कोई वैज्ञानिक कारण भी नहीं बताया जा सकता है। अब देखिये अमेरिका के डेनवर में एक 4 वर्षीय बच्चे की साथ जो हुआ उसे अद्भु त दैवी चमत्कार ही कहा जा सकता है। कार्टियर मैकडैनियल नामक यह बच्चा अस्पताल में भर्ती था और उसके ह्रदय ने घंटों पहले ही धड़कना बंद कर दिया था।

कार्टियर मैकडैनियल को अंतिम अलविदा कहने के लिए अस्पताल में शोकाकुल परिवारीजन एकत्र थे। डॉक्टरों ने कार्टियर के माता-पिता, डेस्टिनी एंडरसन और डोमिनिक मैकडैनियल को बता दिया था उनके बेटे की जीवन रक्षक मशीन अब ज्यादा समय तक उसके शरीर को कार्यशील रखने में सक्षम नहीं होगी। बच्चे के हृदय को पुनः चालू करने के सभी प्रयास विफल हो गए थे। अब बस प्रार्थना का ही सहारा था। लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ जो बेहद हैरतंगेज़ था। उस बच्चे के दिल ने रुकने के 19 घंटे बाद फिर से अपने आप पंप करना शुरू कर दिया।

एंडरसन और मैकडैनियल ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनके पास इस बात का कोई वैज्ञानिक या चिकित्सीय जवाब नहीं है कि कार्टियर का दिल फिर से क्यों धड़कने लगा। मैकडैनियल ने कहा कि उनके पास एक आध्यात्मिक जवाब है : "यह ईश्वर का कारनामा था।"

क्या हुआ था?

कार्टियर का कठिन समय 8 अप्रैल को बुखार के साथ शुरू हुआ। उसकी माँ ने उसे बुखार की समान्य दवा दे दी। उनको लगा कि यह मामूली सर्दी जुखाम है जो ठीक हो जायेगा। अगले दिन बच्चे की हालत खराब हो गई, उसके हाथ और पैर ठंडे हो गए, मुँह नीला पड़ गया, पसीना आने लगा, उसकी आँखों के चारों ओर काले घेरे बन गए और साँस लेने में कठिनाई होने लगी। उसने उस दिन बहुत सारा पानी पिया और बिस्तर पर ही पड़ा। जब कार्टियर ने बिस्तर पर ही पेशाब कर दी तो उसकी माँ को पता चल गया कि वास्तव में कुछ गड़बड़ है। उन्होंने चिल्ड्रेन हॉस्पिटल कोलोराडो को फोन किया, जिसने लक्षण सुनने पर उसे तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी।

एंडरसन और मैकडैनियल ने कहा कि जांच के दौरान, कार्टियर की आंखें पलट गईं और डॉक्टरों को नाड़ी नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि बच्चे को कार्डियक अरेस्ट हो गया है। उन्होंने सीपीआर देना शुरू कर दिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कार्डिएक अरेस्ट तब होता है जब हृदय अचानक और अप्रत्याशित रूप से पंप करना बंद कर देता है और मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों में खून की सप्लाई बंद हो जाती है। इसके कारण अमेरिका में हर साल लगभग 3,00,000 से 4,50,000 मौतें होती हैं।

सीडीसी के अनुसार कार्डियक अरेस्ट से बचे लोग मस्तिष्क क्षति और आंतरिक अंग की चोटों से पीड़ित हो सकते हैं। बहरहाल, इमरजेंसी डॉक्टरों ने मैकडैनियल को ग्रुप ए स्ट्रेप्टोकोकस, या स्ट्रेप ए बैक्टीरिया से संक्रमित होने का निदान किया था। इसके कारण उसे सेप्सिस हो गया जो किसी संक्रमण के प्रति शरीर की अत्यधिक प्रतिक्रिया होती है।

जब कार्टियर का दिल रुक गया, तो डॉक्टरों ने उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा, जिसमें रक्त को एक आर्टीफीशियल फेफड़े के जरिये पंप किया जाता है। यह उपचार अस्थायी रूप से मरीज को जीवित रखता है, भले ही मरीज का दिल काम नहीं कर रहा हो, लेकिन यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि मरीज के शरीर के अंग और अन्य हिस्से ठीक हो जाएंगे या नहीं। जब मैकडैनियल का दिल रुक गया तो उसे पुनर्जीवित करने की कोशिश की गयी लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। इसके बाद कार्टियर को आईसीयू में ले जाया गया। अगले 19 घंटों तक वह लाइफ सपोर्ट मशीन पर रहा लेकिन आखिर में मशीन भी बेकार साबित हो रही थी। डाक्टरों ने जवाब दे दिया था तभी अचानक कार्टियर का दिल अपने आप फिर धड़कने लगा। ये वाकई में चमत्कार है। लेकिन डाक्टरों का कहना है कि 19 घंटे तक दिल बंद रहने के क्या दीर्घकालीन प्रभाव होंगे इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।

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