×

Hindu Muslim Violence: आखिर ब्रिटेन के शहर में क्यों हो गया हिन्दू-मुस्लिम बवाल

Hindu Muslim Violence: लंदन के पास स्थित लीसेस्टर में जो बवाल शुरू हुआ वह बीते शनिवार को काफी ज्यादा भड़क गया।

Neel Mani Lal
Written By Neel Mani Lal
Updated on: 20 Sep 2022 6:42 AM GMT
Hindu Muslim Violence
X

 ब्रिटेन में हिन्दू - मुस्लिम बवाल (फोटो: सोशल मीडिया )

  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

Hindu Muslim Violence: भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों पर ब्रिटेन में रह रहे दोनों देशों के मूलनिवासियों के बीच छिटपुट तनातनी तो रहती है लेकिन इस बार जो कुछ हुआ वह अभूतपूर्व है। मारपीट, धर्मस्थलों को नुकसान, बलवा - ये इतने बड़े पैमाने पर हुआ कि ब्रिटेनवासी हैरान हैं।

हुआ ये कि भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में 28 अगस्त को एशिया कप टी 20 क्रिकेट टूर्नामेंट में ग्रुप स्टेज मैच खेला गया। ब्रिटेन में कई जगह मैच के बाद दोनों देशों के लोगों की भीड़ में टकराव हुआ। खासकर लंदन के पास स्थित लीसेस्टर में जो बवाल शुरू हुआ वह बीते शनिवार को काफी ज्यादा भड़क गया। लीसेस्टर के मेयर का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई झूठी खबरों से स्थिति बिगड़ी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,लीसेस्टर शहर में हिंदुओं और मुसलमानों के बड़े समूहों के बीच सड़कों पर "बड़े पैमाने पर" और "गंभीर" संघर्ष हुआ। सोमवार को यूके में भारतीय उच्चायोग ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक प्रेस विज्ञप्ति पोस्ट की, जिसमें "लीसेस्टर में भारतीय समुदाय के खिलाफ हिंसा और परिसर और हिंदू धर्म के प्रतीकों के साथ बर्बरता" की कड़ी निंदा की गई।

द गार्जियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक वीडियो में 17 सितंबर को पुरुषों के एक समूह को लीसेस्टर के ग्रीन लेन रोड इलाके में मार्च करते हुए दिखाया गया। इस इलाके में कई मुस्लिम स्वामित्व वाले व्यवसाय और एक हिंदू मंदिर है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भीड़ ने नारे लगाए और बेलग्रेव रोड पर कांच की बोतलें फेंकीं। गार्जियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि नारेबाजी और मारपीट शुरू होने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग बाहर निकल आये और बोले कि वे "पुलिस पर भरोसा नहीं कर सकते और अपने समुदाय की रक्षा करने जा रहे हैं।"

इसी रिपोर्ट में एक राष्ट्रीय हिंदू संगठन की अध्यक्ष 31 वर्षीय द्रष्टि माई के हवाले से कहा गया है कि वह आजीवन लीसेस्टर निवासी रही हैं और उन्होंने शहर में इस तरह की अशांति पहले कभी नहीं देखी थी। उन्होंने गार्जियन को बताया कि "यह हिंदू समुदाय है जिसे निशाना बनाया जा रहा है, उन्हें खतरा महसूस होता है, और हमला किया जाता है।" उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस संपत्ति, लोगों और पूजा स्थलों की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा, "हमें अपनी रक्षा करने का अधिकार है।"

बीबीसी की एक रिपोर्ट में लीसेस्टर स्थित फ़ेडरेशन ऑफ़ मुस्लिम ऑर्गेनाइज़ेशन के सुलेमान नागदी के हवाले से कहा गया है कि, "भारत और पाकिस्तान क्रिकेट मैच (28 अगस्त) के बाद से समुदाय में समस्याएँ हैं और जबकि वह खेल (भारत बनाम पाकिस्तान) अक्सर सभाओं को चिंगारी देता है। लेकिन पहले कभी इतनी बुरी स्थिति नहीं बनी है।"

इसबीच पता चला है कि लीसेस्टर में हिंसा के बाद गिरफ्तार किए गए 18 लोगों में से लगभग आधे लोग काउंटी के बाहर से आए थे। बाहरी लोगों द्वारा आ कर बवाल करने की खबर से लोगों में चिंता बढ़ गई है।

जनसंख्या की स्थिति

यूके नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) की रिपोर्ट के अनुसार 'लीसेस्टर, लीसेस्टरशायर और रटलैंड की 2011 की जनसांख्यिकीय प्रोफ़ाइल' में मुसलमानों और हिंदुओं की संख्या लगभग समान थी। ये कुल जनसंख्या का क्रमशः 7.4 प्रतिशत और 7.2 प्रतिशत हैं जबकि सिखों की संख्या 2.4 प्रतिशत है। पचपन प्रतिशत ईसाई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि "लीसेस्टर, लीसेस्टरशायर और रटलैंड के भीतर, मोटे तौर पर अल्पसंख्यक धर्मों के लोग और गैर-धर्म के लोग कम उम्र के हैं जबकि बड़ी उम्र के लोगों में ईसाइयों का अनुपात अधिक था।"

Monika

Monika

Next Story