इंसान की दवा से अफ्रीकी गधों पर आफत

Published by seema Published: June 29, 2018 | 2:20 pm

इंसान की दवा से अफ्रीकी गधों पर आफत

बीजिंग : चीन में निर्मित ‘इजाओं नामक’ औषधि के कारण अफ्रीकी गधों के अस्तित्व पर संकट आ गया है। चीनी बाजार के लिए तस्करों ने इन पशुओं की तस्करी तेज कर दी है। केन्या जैसे देश में जहां गधे ही प्रमुख पालतू जानवर हैं , बहुत ही गंभीर स्थिति पैदा हो गयी है। हालत ये है कि केन्या से गधों को रातोंरात चोरी करके चीन भेज दिया जाता है।

ये स्थिति बनी है एक कॉस्मेटिक दवा की मांग में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होने से। चीन में बनने वाली इन दवाओं में गधों की चमड़ी से बना जिलेटिन इस्तेमाल होता है। केन्या, मिस्र और नाइजीरिया के एनीमल राइट्स समूहों का कहना है कि कुछ ऐसे दलाल सक्रिय हैं जो चीन में गधों के मांस की मांग को पूरा करने में लगे हुए हैं। इजाओ एक कठोर जेल है, जो गर्म पानी अथवा एल्कोहल में मिलाकर भोजन या पेय में प्रयोग किया जाता है। यह सौन्दर्य प्रसाधनों जैसे फेस क्रीम में भी प्रयोग किया जाता है। चीन के मध्य वर्ग में हाल के वर्षों में पारंपरिक दवाओं जैसे गैंडों के सींग, शेर के अंगों के साथ ही इजाओ की मांग तेजी से बढ़ी है। चीन की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के मुताबिक यह विश्वास किया जाता है कि रक्त संचार में सुधार प्रजनन समस्याओं की दवा व एनिमिया के इलाज के लिये इसे टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक, केन्या में पिछले 9 सालों में गधों की संख्या में काफी तेजी से गिरावट आई है। उनकी संख्या 18 लाख से घट कर 12 लाख तक पहुंच गई है। ‘केन्या डंकी सेंक्चुरी’ के मैनेजर ने बताया कि, केन्या में तीन लाइसेंसधारी बूचडख़ानों में एक दिन में 1000 गधों को मार कर उनके चमड़े को चीन भेजा जाता है। केन्या में जिस तेजी से गधों को मारा जा रहा है उस पर अगर कंट्रोल नहीं किया गया तो अगले पांच सालों के अंदर यहां गधे खत्म हो जायेंगे।

बहरहाल, केन्या के लोगों ने एक समूह बनाया है जिसका नाम ‘टुंजा पुंटा वाको’ है। इसका मतलब होता है ‘अपने गधों की रक्षा करें।’ इस समूह के लोगों का कहना है कि अगर हालात पर कंट्रोल नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हमें अपने बच्चों को बताना पड़ेगा कि एक समय एक ऐसा भी जानवर हुआ करता था। वैसे, अच्छी बात ये है कि अब 14 अफ्रीकी देशों ने गधों के चमड़े के व्यापार पर रोक लगा दी है।

क्या है इजाओ
इजाओ चीन में खाया जाने वाला ऐसा हेल्थ प्रोडक्ट है जिससे वजन कम किया जाता है और जो एनर्जी देता है। गधों से चमड़े से होने वाला व्यापार इस कदर बढ़ चुका है कि एक साल में चीन के इजाओ बाजार का 63 फीसदी की मांग के लिए दस लाख गधों के चमड़े का व्यापार किया जाता है। चीन के सरकारी हेल्थ एजेंसी का कहना है कि इजाओ का व्यापार अंधविश्वासी धारणाओं पर आधारित है। इस व्यापार में सबसे पहले गधे के मांस को उबाला जाता है। डंकी सेंक्चुरी के मुताबिक हर साल दुनिया के 44 मिलियन गधों में से बीस लाख गधों का शिकार किया जाता है। जिंबाब्वे एक ऐसा देश है जहां सड़कों पर कार से ज्यादा गधे दिखाई देते हैं।