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वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा दौर: पूरी दुनिया पर असर, घटेगी इन देशों की आय

कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है लेकिन हालात यहीं नहीं थमेंगे। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रकोष (IMF) के मुताबिक़, ये साल वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा दौर होगा। अर्थव्यवस्था बद से बद्द्तर होने के आसार हैं। आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 10 April 2020 5:06 AM GMT

वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा दौर: पूरी दुनिया पर असर, घटेगी इन देशों की आय
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नई दिल्ली: कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है लेकिन हालात यहीं नहीं थमेंगे। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रकोष (IMF) के मुताबिक़, ये साल वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा दौर होगा। अर्थव्यवस्था बद से बद्द्तर होने के आसार हैं। आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।

IMF प्रमुख ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की खराब स्थिति पर कही ये बात

आईएमएफ की निदेश्क क्रिस्टलीना जॉर्जिवा ने वैश्विक अर्थव्यस्था की स्थिति को लेकर एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि दुनिया ऐसे संकट से जूझ रही है, जो उसने पहले कभी नहीं देखा था।

उन्होंने कोविड-19 के कारण आर्थिक और सामाजिक स्थिति खराब होने का हवाला देते हुए कहा वायरस से लोगों की जान जा रही है, ऐसे में इससे मुकाबले के लिए लॉकडाउन करना पड़ा, जिससे अरबों लोग प्रभावित हुए हैं। कुछ सप्ताह पहले सब सामान्य था,लेकिन आज सब पर जोखिम बना हुआ है।

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वैश्विक अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट इस साल

जॉर्जिवा ने कहा कि जैसे हालात बने है उससे स्पष्ट हो चुका है क़ि 2020 में वैश्विक वृद्धि दर में जोरदार गिरावट आएगी। अनुमान है कि महामंदी के बाद इसे सबसे बड़ी गिरावट के तौर पर देखा जाएगा।

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बता दें कि इसके पहले 1930 के दशक में महामंदी आई थी। महामंदी को दुनिया की अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा दौर जाना जाता है। इसकी शुरुआत 1929 में अमेरिका में वॉलस्ट्रीट पर न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के ‘ढहने’ से हुई। महामंदी का दौर करीब 10 साल चला था।

170 से अधिक देशों में घटेगी प्रति व्यक्ति आय

जॉर्जिवा ने कहा कि साल 2020 में दुनिया के 170 से अधिक देशों की अर्थव्यवस्था इस कदर प्रभावित होगी कि यहां प्रति व्यक्ति आय घटे जायगी। कोरोना ने सब बदल दिया है। पहले अनुमान लगाया गया था कि आगामी तीन महीनों में लगभग 160 देशों में प्रतिव्यक्ति आय बढ़ेगी, हलांकि कोरोना के कहर के बाद अब 170 से ज्यादा देशों में आय घटेगी।

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