×

नहीं खत्म हुआ LAC पर विवाद, चीन ने फिर तोड़ा वादा, पीछे हटने से किया मना

चीन ने एक बार फिर अपनी अकड़ दिखाते हुए पूर्वी लद्दाख में संघर्ष वाले क्षेत्रों से पीछे हटने से इनकार कर दिया है।

Shreya
Published By Shreya
Published on: 15 April 2021 9:55 AM GMT
नहीं खत्म हुआ LAC पर विवाद, चीन ने फिर तोड़ा वादा, पीछे हटने से किया मना
X

नहीं खत्म हुआ LAC पर विवाद, चीन ने फिर तोड़ा वादा, पीछे हटने से किया मना (फोटो- सोशल मीडिया)

  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

नई दिल्ली: भारत चीन सीमा पर विवाद (India-China Border Dispute) एक बार फिर शुरू हो गया है। चीन ने एक बार फिर से संघर्ष वाले क्षेत्रों में पीछे हटने से मना कर दिया है। एक ओर भारत गतिरोध को कम करने कोशिश में लगा हुआ है तो वहीं दूसरी ओर चीन अपनी हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा है।

ड्रैगन ने एक बार फिर पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग के संघर्ष वाले क्षेत्रों से पीछे हटने से इनकार कर दिया है। बीते हफ्ते भारत और चीन के बीच हुई 11वें दौर की सैन्य वार्ता में चीन ने इन इलाकों से अपने सैनिक हटाने से मना कर दिया है। इन मामले की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।

चीन ने सैनिकों को हटाने से किया इनकार

मामले की जानकारी रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चीनी सेना (पीएलए) ने गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स इलाकों में अप्रैल, 2020 से पहले वाली स्थिति पर वापस जाने से साफ इनकार कर दिया है। पीछे हटने की बजाय PLA ने भारतीय सेना को विचार करने के लिए कुछ प्रस्ताव दिए हैं। इस इलाके में सैनिकों के पूरी तरह पीछे हटने में कुछ और समय लगेगा।

चीन ने पीछे हटने से किया इनकार (फोटो- सोशल मीडिया)

मिली जानकारी के मुताबिक, चीन ये चाहता है कि भारतीय सेना की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा उसकी नई स्थिति को स्वीकार कर लिया जाए। इसके साथ ही वो इन इलाकों से पीछे हटने के लिए राजी नहीं है। चीन ने पहले तो पीछे हटने की प्रक्रिया के लिए अपनी सहमति जताई थी, लेकिन एक बार फिर से वो आनाकानी करने में लगा हुआ है।

दोनों पक्षों के लिए अहम है ये क्षेत्र

एक अधिकारी ने बताया है कि करीब 60 चीनी सैनिक गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स इलाकों में अप्रैल, 2020 की स्थिति से आगे मौजूद हैं। बता दें कि ये क्षेत्र दोनों ही पक्षों के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है। इस क्षेत्र से चीन आसानी से अपने सैनिकों के लिए रसद पहुंचा पाता है। गौरतलब है कि 10वें दौर की वार्ता में चीन और भारत ने पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति जताई थी, लेकिन चीन फिर से अपनी मनमानी करने में लगा हुआ है।

Shreya

Shreya

Next Story