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Israeli–Palestinian conflict: इजरायल और फिलिस्तीन आतंकियों में जबरदस्त गोलीबारी, 32 लोग मारे गए

Israeli–Palestinian conflict: इस्लामिक जिहाद गाजा पट्टी में दो मुख्य फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों में से छोटा है, लेकिन इसे ईरान से प्रत्यक्ष वित्तीय और सैन्य समर्थन प्राप्त है।

Neel Mani Lal
Written By Neel Mani Lal
Published on: 7 Aug 2022 8:11 AM GMT
Israeli–Palestinian conflict
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इजरायल और फिलिस्तीन आतंकियों में जबरदस्त गोलीबारी (photo: social media )

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Israeli–Palestinian conflict: इजरायल और गाजा पट्टी में बीते तीन दिन से भीषण गोलाबारी चल रही है जिसमें अब तक 32 लोग मारे जा चुके हैं। ताजा संघर्ष 5 अगस्त को शुरू हुआ जब इजरायल ने फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह इस्लामिक जिहाद के एक सीनियर कमांडर को हवाई हमले में मार गिराया। इजरायल ने कहा है कि उसने एक आसन्न हमले को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू की थी। इजरायल के हमलों के बाद इस्लामिक जिहाद ताबड़तोड़ राकेट हमले कर रहा है और यरूशलेम को निशाना बनाया है।

गाजा पर शासन करने वाला बड़ा उग्रवादी समूह, हमास, फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। इजरायल और हमास ने बमुश्किल एक साल पहले युद्ध लड़ा था, जिससे 20 लाख फिलिस्तीनी निवासियों पर भारी असर पड़ा।

5 अगस्त को गाजा पर इजरायली हवाई हमले में 11 लोगों की मौत हो गई थी जिसमें ईरान समर्थित आतंकवादी समूह, फ़िलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद का एक वरिष्ठ कमांडर शामिल था। दूसरी तरह फलस्तीनी आतंकवादियों ने यरूशलेम समेत इजरायल के कई शहरों और कस्बों पर दर्जनों रॉकेट दागे हैं, जिससे हजारों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

कल पूरे दिन गाजा के उग्रवादियों ने इजरायल में रॉकेट दागे। इजरायली सेना ने बताया है कि लगभग 450 रॉकेट दागे गए थे, जिनमें से 350 ने इजरायल के क्षेत्र में आये लेकिन लगभग सभी को इजरायल के आयरन डोम मिसाइल-रक्षा प्रणाली द्वारा नष्ट दिया गया।

इस्लामिक जिहाद के 140 ठिकानों को निशाना बनाया

इजरायल ने गाजा में अब तक इस्लामिक जिहाद के 140 ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे आतंकवादी संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व का अधिकांश हिस्सा समाप्त हो गया है। इस्लामिक जिहाद ने आज सुबह पुष्टि की कि संगठन के दक्षिणी डिवीजन के नेता खालिद मंसूर को गाजा पट्टी में एक आईडीएफ हमले में मार दिया गया। वरिष्ठ इस्लामिक जिहाद नेता अहमद अल-मुदलाल के बेटे ज़ियाद अल-मुदलाल को भी हमले में मार गिराया गया था।

इस्लामिक जिहाद गाजा पट्टी में दो मुख्य फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों में से छोटा है, लेकिन इसे ईरान से प्रत्यक्ष वित्तीय और सैन्य समर्थन प्राप्त है, और यह इजरायल के खिलाफ लगातार रॉकेट हमलों से जवाब दे रहा है।

दूसरी ओर हमास है जिसने 2007 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त फिलिस्तीनी प्राधिकरण से गाजा पर नियंत्रण छीन लिया था। हमास आमतौर पर इजरायल के खिलाफ सीमित कार्रवाई करता है क्योंकि उसपर गाजा जैसे गरीब क्षेत्र के दिन-प्रतिदिन के मामलों को चलाने की जिम्मेदारी है। इस्लामिक जिहाद के पास ऐसी कोई जिम्मेदारी नहीं है और इसीलिए ये अधिक उग्रवादी गुट के रूप में उभरा है। इस ग्रुप की स्थापना 1981 में वेस्ट बैंक, गाजा और अब इजरायल में एक इस्लामी फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के उद्देश्य से की गई थी। इसे अमेरिकी विदेश विभाग, यूरोपीय संघ और अन्य सरकारों द्वारा एक आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। हमास की तरह, इस्लामिक जिहाद ने इजरायल के विनाश की शपथ ले रखी है।

ईरानी कनेक्शन

इज़राइल का कट्टर दुश्मन ईरान इस्लामिक जिहाद को प्रशिक्षण, विशेषज्ञता और धन की आपूर्ति करता है, लेकिन इस ग्रुप के अधिकांश हथियार स्थानीय रूप से उत्पादित होते हैं। हाल के वर्षों में, इसने हमास के बराबर एक शस्त्रागार विकसित किया है, जिसमें लंबी दूरी के रॉकेट हैं जो मध्य इज़राइल के तेल अवीव महानगरीय क्षेत्र पर हमला करने में सक्षम हैं। हालांकि इसका आधार गाजा है, लेकिन इस्लामिक जिहाद का बेरूत और दमिश्क में भी नेतृत्व है, जहां यह ईरानी अधिकारियों के साथ घनिष्ठ संबंध रखता है। जब इज़राइल ने बीते शुक्रवार को गाजा में अपना अभियान शुरू किया तब ग्रुप के शीर्ष नेता ज़ियाद अल-नखला, तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात कर रहे थे।

Monika

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