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Monkey Pox Virus: बहुत तेजी से म्यूटेट हो रहा मंकीपॉक्स वायरस, नए स्ट्रेन में 50 बदलाव

Monkey Pox Virus: एक नए अध्ययन से पता चला है कि मंकीपॉक्स वायरस अपने आनुवंशिक कोड, मामूली जीन वेरिएंट और एक हटाए गए जीन में छोटे बदलावों के साथ स्वरूप बदल रहा है।

Neel Mani Lal
Written By Neel Mani Lal
Updated on: 2 July 2022 2:08 PM GMT
Monkeypox virus mutating very fast, 50 changes in the new strain
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  मंकी पॉक्स वायरस: photo - social media

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Lucknow: मंकी पॉक्स वायरस (Monkey Pox Virus) के बारे में कई नई और परेशान करने वाली जानकारियां सामने आई हैं। एक नए अध्ययन से पता चला है कि मंकीपॉक्स वायरस अपने आनुवंशिक कोड, मामूली जीन वेरिएंट और एक हटाए गए जीन में छोटे बदलावों के साथ स्वरूप बदल रहा है। ये बदलाव इंसानों को किस तरह और किस सीमा तक प्रभावित करेगा, ये निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता है।

तेजी से म्यूटेट हो रहा है मंकीपॉक्स वायरस

पुर्तगाली शोधकर्ताओं के अनुसार, मंकीपॉक्स वायरस (Monkey Pox Virus) लगातार विकसित हो रहा है और उस दर से म्यूटेट हो रहा है जो अपेक्षा से अधिक है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, नए स्ट्रेन में लगभग 50 आनुवंशिक विविधताएं हैं और 2018-19 में प्रचलन में अन्य संबंधित वायरस की तुलना में तेजी से म्यूटेट हो रहा है। नए स्ट्रेन में आनुवंशिक विविधताओं की संख्या हैरान करने वाली है। हालांकि यह संभव है कि वायरस हर साल कई म्यूटेशन के साथ विकसित हो सकता है, लेकिन ये इतनी जल्दी जल्दी होगा, इसकी उम्मीद नहीं थी।

शोधकर्ताओं ने एक और चीज ये पाई कि मंकीपॉक्स के वर्तमान प्रकोप का एक ही मूल है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि यह एक ही व्यक्ति से आया है। अध्ययन से पता चलता है कि वर्तमान वायरस 2018 और 2019 में एक स्थानिक देश-नाइजीरिया से यूके, इज़राइल और सिंगापुर में मंकीपॉक्स के प्रसार से जुड़ी एक ही ब्रांच से जुड़े हैं। इसका मतलब यह हो सकता है कि 2022 के इस प्रकोप के वायरस का भी पता लगाया जा सकता है।

पुर्तगाल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में जीनोमिक्स एंड बायोइनफॉरमैटिक्स यूनिट के प्रमुख जोआओ पाउलो गोम्स ने बताया है कि 2022 के प्रकोप के भीतर सभी अनुक्रमित वायरस एक दूसरे के समान हैं और "अन्य सभी उपलब्ध जीनोम से काफी अलग हैं। यानी ये एकल मूल का भी सुझाव देते हैं।"

2018-2019 में वायरस विकसित हुआ

उनके विश्लेषण से पता चला है कि वर्तमान में प्रसारित होने वाला वायरस 2018 और 2019 में यूके, इज़राइल और सिंगापुर में मंकीपॉक्स के प्रकोप में शामिल एक के साथ सबसे अधिक निकटता से जुड़ा हुआ है। इससे पता चलता है कि 2018-2019 में वायरस कहीं न कहीं घूमता रहा, विकसित हुआ, और फिर से गैर स्थानिक देश में आ गया।

उन्होंने कहा कि कई परिकल्पनाओं में से एक ये है कि अप्रैल के दौरान दो या तीन संक्रमित लोगों की यात्रा एक स्थानिक देश से होगी, जहां से यह स्ट्रेन गैर - स्थानिक देशों में फैल रहा था। यानी, मूल एक ही था।

मानव से मानव में फैलने में अधिक सक्षम

यूके के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय में मेडिकल वायरोलॉजी के प्रोफेसर पाम वैलेली, ने इस अध्ययन को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि सबसे संभावित स्पष्टीकरण यह है कि यह नाइजीरिया में मानव से मानव में फैलने में अधिक सक्षम बनने के लिए विकसित हो रहा था, फिर शायद कई व्यक्तियों द्वारा इसे यूरोप में ले जाया गया।

हालाँकि, यह एक निर्णायक सिद्धांत नहीं है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि यह भी संभव है कि कुछ समय के लिए गैर-स्थानिक देशों में मनुष्यों या जानवरों के बीच मौन संचरण की लंबी अवधि रही हो। हालांकि ज्ञात लक्षणों को देखते हुए इसकी संभावना नहीं हो सकती है। एक अन्य सिद्धांत यह है कि मंकीपॉक्स कुछ समय से गैर-स्थानिक देशों में पशु मेजबानों के बीच फैल रहा है और एक स्पिलओवर घटना ने इसे मनुष्यों में स्थानांतरित कर दिया है।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

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