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Sabse Yuva Vaigyanik: 8 साल की ऑल्वेरिया ने अंतरिक्ष में 18 एस्टेरॉइड की खोज कर दुनिया को चौंकाया, नासा ने भी किया सलाम

Sabse Yuva Vaigyanik: ब्राजील की 8 साल की बच्ची निकोल ऑलवेरिया ने अब तक 18 स्पेस रॉक यानी एस्टेरॉयड की तलाश पूरी कर ली है। ऑलवेरिया की खोज ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

Akhilesh Tiwari

Akhilesh TiwariWritten By Akhilesh TiwariShreyaPublished By Shreya

Published on 2 Oct 2021 8:17 AM GMT

Sabse Yuva Vaigyanik: 8 साल की ऑल्वेरिया ने अंतरिक्ष में 18 एस्टेरॉइड की खोज कर दुनिया को चौंकाया, नासा ने भी किया सलाम
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निकोल ऑलवेरिया (फाइल फोटो साभार- सोशल मीडिया)  

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Sabse Yuva Vaigyanik: कहते हैं कि बच्चे इस जमीन पर आसमान के सितारे हैं, जिनको अगर सही मौका मिले तो अपनी चमक से दुनिया को जगमग कर सकते हैं। ऐसा ही कुछ कमाल ब्राजील (Brazil) की 8 साल की बच्ची निकोल ऑलवेरिया (Nicole Oliveira) ने कर दिखाया है। खगोल विज्ञान (Astronomy) में रुचि रखने वाली इस बच्ची ने अब तक 18 स्पेस रॉक (Space Rock) यानी एस्टेरॉयड (Asteroid) की तलाश पूरी कर ली है। ऑलवेरिया की खोज ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने भी निकोल की उपलब्धियों की सराहना की है। उसे सलाम कर रही है।

निकोल ऑलबेरिया ने यह कमाल महज एक साल की अपनी मेहनत के दौरान कर दिखाया है। उसके परिवार के सदस्यों की मानें तो एक साल पहले उसे टेलिस्कोप उपलब्ध कराया गया है, तब वह महज सात साल की ही थी। जब से उसे टेलीस्कोप मिला है, तब से वह हर रोज शाम होते ही अंतरिक्ष की दुनिया को निहारने में जुट जाती है। उसकी इस मेहनत का परिणाम भी सार्थक निकला है। निकोल ने अब तक अंतरिक्ष में 18 नए स्पेस रॉक की पहचान की है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्पेस रॉक हकीकत में एस्टेरॉइड यानी क्षुद्र ग्रह हैं। खगोल विज्ञानियों का कहना है कि इसकी पुष्टि होने में अभी समय लगेगा कि निकोल ने जिन 18 स्पेस रॉक की तलाश की है, वह वास्तव में एस्टेरॉइड ही हैं। नासा से जुड़े खगोल विज्ञानियों का कहना है कि अगर निकोल की खोज सटीक होती है तो वह दुनिया की सबसे युवा खगोल वैज्ञानिक बन जाएगी। जिसने इतनी कम उम्र में अट्ठारह स्टेरॉयड का पता लगाया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली के खगोल विज्ञानी लुइगी सानिनो का है। जिन्होंने 18 साल की उम्र में 1998 और 1999 के दौरान अंतरिक्ष में दो एस्टेरॉयड की खोज की थी।

निकोल ऑलवेरिया (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

वैज्ञानिकों और परिवारजनों को समर्पित है निकोल की खोज

निकोल ने अपने मीडिया इंटरव्यू में कहा है कि वह बड़ी होकर अंतरिक्ष विज्ञानी बनना चाहेगी। वह खुद को एक एयरोस्पेस इंजीनियर (Aerospace Engineer) के तौर पर देखना चाहती है। उसका सपना यह भी है कि वह बड़ी होकर अपना स्पेस रॉकेट (Space Rocket) बनाए। निकोल ने अपने स्तर से खोजे गए स्पेस रॉक्स का नामकरण ब्राजील के वैज्ञानिकों के नाम पर किए जाने का प्रस्ताव किया है।.उसका कहना है कि ब्राजील के वैज्ञानिकों के अलावा वह अपने माता- पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर भी खोजे गए स्पेस रॉक्स का नामकरण करना चाहती है।

निकोल ने ब्राजील के मंत्री मार्कोस पोंटस (Marcos Pontes) से खास तौर पर मुलाकात की है। क्योंकि वह अंतरिक्ष जाने वाले अकेले ब्राजील निवासी हैं। वह अब तक कई वैज्ञानिकों का इंटरव्यू कर चुकी है। निकोल से मिलने के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों ने बताया कि 8 साल की निकोल का कमरा अंतरिक्ष और ग्रहों की तस्वीरों से भरा हुआ है। उसके कमरे में रॉकेट और सितारों के प्रतीक चिन्ह भी लगे हुए हैं। दो बड़ी स्क्रीन वाले कंप्यूटर हैं, जिनकी मदद से वह टेलिस्कोप से रात में अंतरिक्ष से ली जाने वाली तस्वीरों का विश्लेषण करती है।

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