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संकट में फंसा स्पेन, आजादी समर्थकों ने कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश घोषित किया

raghvendra

raghvendraBy raghvendra

Published on 3 Nov 2017 10:23 AM GMT

संकट में फंसा स्पेन, आजादी समर्थकों ने कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश घोषित किया
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मैड्रिड। स्पेन इन दिनों एक बड़े संकट से जूझ रहा है। हालांकि स्पेन के लिए यह संकट नया नहीं है,लेकिन इन दिनों यह संकट गहरा जरूर गया है। आजादी समर्थकों ने कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश घोषित कर दिया है। स्पेन ने भी तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए इस इलाके की स्वायत्तता खत्म करते हुए इसे सीधे अपने हाथ में ले लिया है। कैटेलोनिया में संकटपूर्ण स्थिति की शुरुआत उस वक्त हुई, जब स्पेन की संवैधानिक कोर्ट की ओर से अवैध ठहराए जाने के बाद भी वहां आजादी के लिए जनमत संग्रह हुआ।

जनमत संग्रह में 90 फीसदी लोगों ने आजादी के पक्ष में मतदान किया। स्वायत्तता की सीमा को लेकर कैटलन काफी दिनों से असंतोष जता रहे हैं। स्पेन के संविधान में कैटेलोनिया को स्वायत्त इलाके का दर्जा मिला हुआ है। जनमत संग्रह के बाद स्थानीय संसद ने 27 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से स्पेन से अलग होकर आजाद देश की घोषणा कर दी। स्थानीय संसद में अलगाववादी सांसद बहुमत में हैं।

कैटलन सांसदों ने स्पेन से वैधानिक अधिकार वापस लेने के पक्ष में मतदान किया था। इसी के तहत कैटेलोनिया को एक संवैधानिक राज्य से स्वतंत्र गणतंत्र बनाने की घोषणा की गई। इसका मतलब यह हुआ कि कैटेलोनिया अब स्पेन के संविधान को नहीं मानेगा। कैटेलोनिया स्पेन का सबसे संपन्न इलाका है। कैटेलोनिया में इस गतिरोध के कारण कई कंपनियों ने अपना वैधानिक मुख्यालय यहां से हटाने का फैसला किया है। इसका आर्थिक असर पडऩे की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

कैटेलोनिया ने जनमत संग्रह के बाद दुनिया भर के देशों से अलग देश के रूप में मान्यता देने की अपील की थी। कैटेलोनिया ने यूरोपीय यूनियन से हस्तक्षेप कर स्पेन की कार्रवाई को रोकने की अपील की थी। वैसे यूरोपीय यूनियन और अमेरिका ने इसे स्पेन का आंतरिक मामला बताया है।

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90 फीसदी ने किया आजादी के पक्ष में मतदान

वैसे कैटेलोनिया में ऐसे सांसद भी हैं जो स्पेन से आजादी के खिलाफ हैं मगर उनकी संख्या काफी कम है। कैटेलोनिया में एक अक्टूबर को स्पेन से आजादी के लिए एक जनमत संग्रह कराया गया था। स्पेन ने इस जनमत संग्रह पर पाबंदी लगाने की कोशिश की थी,लेकिन उसकी कोशिश नाकाम साबित हुई और जनमत संग्रह के जरिये लोगों की राय जानी गयी। जनमत संग्रह कराने वालों का दावा था कि इसमें करीब 43 फीसदी मतदान हुआ और 90 फीसदी लोगों ने स्पेन से आजादी के पक्ष में मतदान किया।

स्पेन ने पूजीमोंट को बर्खास्त किया

कैटेलोनिया की आजादी के फैसले पर स्पेन ने तुरंत कार्रवाई की। इसी के तहत कैटेलोनिया के स्थानीय राष्ट्रपति कार्लस पूजीमोंट और उनकी पूरी कैबिनेट को बर्खास्त कर दिया गया। इसके साथ ही स्थानीय संसद भी भंग कर दी गई। स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो रखोई ने अपनी विश्वासपात्र उपप्रधानमंत्री सोराया सायन को कैटेलोनिया की जिम्मेदारी दी है।

स्पेन ने कैटेलोनिया में 21 दिसंबर को चुनाव कराने की भी घोषणा की है। मौजूदा समय में कैटेलोनिया में 17 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं और इनकी कमान स्पेन के गृह मंत्री के पास है। स्पेन के गृह मंत्री ने कैटेलोनिया के वरिष्ठ पुलिस प्रमुख को बर्खास्त करते हुए पुलिस बल को अपने नियंत्रण में ले लिया।

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स्पेन की कार्रवाई के विरोध का ऐलान

उधर पूजीमोंट ने कहा कि वो और उनके साथी लोकतांत्रिक तरीके से स्पेन के सीधे शासन का विरोध करेंगे। आजादी समर्थकों ने कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश बनाने के फैसले के पक्ष में व्यापक विरोध प्रदर्शन की अपील की है। स्पेन की कार्रवाई के विरोध में अलगाववादी हड़ताल, बहिष्कार और रैलियों का सहारा ले रहे हैं।

पूजीमोंट ने स्पेन की सरकार की ओर से सीधे शासन की कोशिशों के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध का आह्वान किया है। पूजीमोंट ने कैटेलोनिया की स्वायत्तता निलंबित किए जाने की निन्दा की और देश को आजाद करने के लिए काम जारी रखने का वादा किया। उन्होंने एक अज्ञात जगह से टीवी पर यह बात कही। स्पेन की कार्रवार्ई का विरोध करते हुए मुख्य अलगाववादी समूह ग्रासरूट्स ग्रुप और कैटलन नेशनल असेंबली रखोई प्रशासन को विदेशी सरकार कह रहे हैं।

और कड़ी कार्रवाई कर सकता है स्पेन

माना जा रहा है कि स्पेन अलगाववादियों के खिलाफ और कड़े कदम उठा सकता है। स्पैनिश अभियोजक विद्रोहियों पर आरोप तय कर सकते हैं। जिन अपराधों के लिए आरोप तय किए जाएंगे उनमें 30 साल की कैद भी हो सकती है। स्पेन सरकार के निशाने पर मुख्य रूप से पूजीमोंट हैं। कैटेलोनिया को गणतंत्र बनाने की घोषणा गोपनीय बैलेट के जरिए की गई है। इसका मतलब यह हुआ कि उन सांसदों पर आरोप तय करना आसान नहीं होगा।

135 सदस्यों वाले सदन में प्रस्ताव के पक्ष में 70 और विरोध में 10 वोट पड़े जबकि दो सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। विपक्ष के कई सांसदों ने मतदान का बहिष्कार किया। कैटेलोनिया की संसद में हुए मतदान के बाद राजधानी बाॢसलोना में प्रांतीय सीनेट की इमारत के बाहर अलगाववादी समर्थकों की भीड़ नजर आई। लोगों ने आजादी के ऐलान करने के फैसले पर झंडे लहराकर खुशी जताई।

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और अधिक स्वायत्तता दे सकता है स्पेन

वैसे कैटेलोनिया को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। स्पेन कितनी जल्दी और कितने प्रभावी तरीके से कैटेलोनिया पर नियंत्रण हासिल कर पाता है, यह देखने वाली बात होगी। सुरक्षा बलों को स्पेन से अगले आदेश मिलने तक किसी भी कार्रवाई के लिए इंतजार करने को कहा गया है।

स्वतंत्र गणतंत्र की घोषणा और स्वायत्तता खत्म करने के निर्णय के बाद स्पेन और कैटेलोनिया अलग-अलग छोर पर खड़े हैं। वैसे माना जा रहा है कि स्पेन कैटलन राष्ट्रवादियों को और स्वायत्तता देने की बात कर सकता है। इसमें संवैधानिक संशोधन 2006 शामिल है जो कैटेलोनिया की स्थिति को और मजबूत करता है।

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राघवेंद्र प्रसाद मिश्र जो पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के बाद एक छोटे से संस्थान से अपने कॅरियर की शुरुआत की और बाद में रायपुर से प्रकाशित दैनिक हरिभूमि व भाष्कर जैसे अखबारों में काम करने का मौका मिला। राघवेंद्र को रिपोर्टिंग व एडिटिंग का 10 साल का अनुभव है। इस दौरान इनकी कई स्टोरी व लेख छोटे बड़े अखबार व पोर्टलों में छपी, जिसकी काफी चर्चा भी हुई।

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