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Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में हालात बेकाबू, नए वित्त मंत्री अली साबरी ने एक ही दिन में छोड़ा पद

Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में गहराए आर्थिक संकट के बीच नए वित्त मंत्री अली साबरी ने एक दिन बाद ही पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने तीन मंत्रियों के साथ सोमवार को शपथ ली थी।

Krishna Chaudhary
Written By Krishna ChaudharyPublished By Deepak Kumar
Updated on: 5 April 2022 9:54 AM GMT
Sri Lanka Economy Crisis
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Sri Lanka Economy Crisis। (Social Media) 

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Sri Lanka Crisis: कभी पर्यटकों के लिए ऐशगाह रहे श्रीलंका में इन दिनों हालात विस्फोटक हो चुके हैं। कोरोना महामारी के बाद बुरी तरह ध्वस्त हुई अर्थव्यवस्था अब संभाले नहीं संभल रही है। देश में खाने – पीने समेत दैनिक जरूरत की चीजों की जबरदस्त किल्लत है। दुकानें खाली पड़ी है। वहीं आक्रोषित जनता सड़कों पर ताकतवर सत्ताधारी राजपक्षे परिवार के खिलाफ जमकर बवाल काट रही है। श्रीलंका (Sri Lanka Economy Crisis) में गहराए आर्थिक संकट के बीच नए वित्त मंत्री अली साबरी (New Finance Minister Ali Sabri) ने एक दिन बाद ही पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने तीन मंत्रियों के साथ सोमवार को शपथ ली थी।

सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित

भयानक आर्थिक संकट के दलदल में फंसे श्रीलंका में हालात दिन – प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहे हैं। भारत के इस पड़ोसी मुल्क में अब दवाईयों की भी भारी किल्लत सामने आने लगी है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सरकार ने देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। इसका तात्पर्य़ है कि देश की स्वास्थ्य सुविधाएं अब केवल आपातकालीन मामलों को प्राथमिकता देगी। माना जा रहा है कि अगर मौजूदा आर्थिक संकट जारी रहा, तो दवाओं की कमी बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच जाएगी।

राष्ट्रपति गोटाबाया ने पद छोड़ने से किया इनकार

श्रीलंका की राजनीति में चट्टान की तरह जमे राजपक्षे परिवार अब जनता की आंखों की किरकिरी बन चुके हैं। गत लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के साथ पहली बार राष्ट्रपति बने गोटाबाया राजपक्षे (President Gotabaya Rajapakse) को विपक्ष औऱ आम जनता का तीखा विरोध झेलना पड़ रहा है। उनसे अविलंब इस्तीफा देने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। लेकिन गोटाबाया राजपक्षे (President Gotabaya Rajapakse) स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर श्रीलंका के राष्ट्रपति का पद नहीं छोड़ेंगे। बता दें कि श्रीलंका में राजपक्षे परिवार के पास ही सरकार के सारे अहम पद हैं। लिहाजा लोगों का सबसे अधिक आक्रोश उन्हीं के खिलाफ है।

हालांकि उन्होंने कहा कि संसद में 113 सीटों के साथ बहुमत साबित करने वाली किसी भी पार्टी को सत्ता सौंपने के लिए स्वीकार हैं। इससे पहले उन्होंने विपक्ष के नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल होने का न्यौता दिया था। जिसे विपक्षी दलों ने खारिज करते हुए उन्हें पद छोड़ने को कहा है।

श्रीलंकाई क्रिकेट स्टार ने साधा सरकार पर निशाना

श्रीलंका की राजपक्षे सरकार के खिलाफ अब वहां के सेलिब्रेटि भी खुलकर बोलने लगे हैं। श्रीलंकाई क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) और कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara) ने सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली है। महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) ने प्रदर्शन कर रहे आम लोगों पर की जा रही सख्ती की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार आम लोगों की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं कर सकती है। सरकार का विरोध करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जाना बर्दाशत नहीं किया जा सकता। सच्चे नेता गलतियों को स्वीकार करते हैं।

वहीं एक अन्य दिग्गज क्रिकेटर कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara) ने कहा कि श्रीलंका सबसे मुश्किल वक्त का सामना कर रहा है। लोगों की इस परेशानी को देखकर मेरा दिल टूट गया है। लोग अपनी जरूरत की चीजें मांग रहे हैं वो दुश्मन नहीं हैँ।

बता दें कि लंबे समय तक गृह युद्ध की आग में झुलसता रहने वाला श्रीलंका गलत आर्थिक नीतिय़ों के कारण बुरी तरह आर्थिक संकट से घिर चुका है। श्रीलंका पर भारी कर्ज अदायगी है। पड़ोसी भारत लगातार श्रीलंका को जरूरत की चीजें मुहैया करा रहा है।

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Deepak Kumar

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