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बिजली संकट से जुज रहा हैं श्रीलंका निपटने के लिए चाहता है ईश्वरीय मदद

श्रीलंका में सूखे के कारण जल विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। देश में पूरे हफ्ते बिजली का संकट बरकरार रहा। लंबे समय तक बिजली कटौती के अंदेशे के कारण कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान जेनरेटर के लिए ईंधन की जमाखोरी कर रहे हैं। लंबी बिजली कटौती के कारण देश के लोग गर्मी से बचने के लिए घरों के बाहर सो रहे हैं ।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 28 March 2019 11:02 AM GMT

बिजली संकट से जुज रहा हैं श्रीलंका निपटने के लिए चाहता है ईश्वरीय मदद
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कोलंबो: श्रीलंका में जारी बिजली संकट से निपटने के लिए देश में बिजली मुहैया कराने वाली सरकारी कंपनी ने गुरूवार को ईश्वर से मदद मांगी और देश के उत्तरी हिस्से में उस पेड़ में पवित्र जल अर्पण करने के लिए दूतों को भेजा जो बौद्धों के लिए पवित्र माना जाता है ।

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श्रीलंका में सूखे के कारण जल विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। देश में पूरे हफ्ते बिजली का संकट बरकरार रहा।

लंबे समय तक बिजली कटौती के अंदेशे के कारण कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान जेनरेटर के लिए ईंधन की जमाखोरी कर रहे हैं । लंबी बिजली कटौती के कारण देश के लोग गर्मी से बचने के लिए घरों के बाहर सो रहे हैं ।

बहुप्रतीक्षित बारिश की उम्मीद में, देश में बिजली आपूर्तिकर्ता सिलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने कहा है कि श्री महाबोधि वृक्ष की पूर्जा अर्चना की जाएगी। यह पेड़ अनुराधापुर में है और देश के बौद्ध धर्मावलंबियों की इसमें असीम श्रद्धा है ।

बौद्ध भिक्षुओं का आशीर्वाद लेकर जल पात्रों को बोधि भेजा गया है । इसके बारे में यह माना जाता है कि यह पेड़ उस विशाल पेड़ का हिस्सा है जिसके नीचे करीब 2500 साल पहले भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी ।

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सिलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि बोधि के निकट पूजा अर्चना की जाएगी और पूरी रात चलने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के बाद कल बौद्ध भिक्षुओं को भोजन कराया जाएगा ।

(भाषा)

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