तुर्की के एयरफोर्स चीफ ने कबूला- तख्तापलट की साजिश में था शामिल

Published by July 18, 2016 | 10:41 pm

तुर्की के एयरफोर्स चीफ अकीन उजतुर्क

इस्तांबुल: तुर्की में तख्तापलट की साजिश में उस वक्त बड़ा खुलासा हुआ जब स्थानीय मीडिया के अनुसार तुर्की के एयरफोर्स चीफ अकीन उजतुर्क ने कबूल किया है कि इस विफल साजिश में वह खुद भी शामिल थे। तख्तापलट की इस साजिश के दौरान हुई हिंसा में करीब दो सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने तख्तापलट की साजिश के दोषियों को मौत की सजा देेने की भी बात कही है।

ईयू मृत्युदंड के विरोध में
-यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख फ्रेडरिक मोगेरिनी ने कहा, ‘मानवाधिकारों पर यूरोपीय संधि के तहत तुर्की मृत्युदंड की सजा बहाल नहीं कर सकता। ऐसा करने पर वह ईयू की सदस्यता हासिल नहीं कर पाएगा।’
-वहीं आस्ट्रिया ने भी इसका विरोध किया है।
-अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने भी तुर्की को संविधान के अनुसार ही विद्रोहियों पर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।
-गौरतलब है कि तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने रविवार को विद्रोहियों के साथ दया नहीं दिखाने और मौत की सजा बहाल करने की बात कही थी।

नौ हजार पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया
-इससे पूर्व तुर्की की सरकार ने सरकार ने रविवार को करीब नौ हजार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
-एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ये अधिकारी राजधानी अंकारा और देश के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल सहित अन्य जगहों पर तैनात थे।
-इन पर तख्तापलट की कोशिश में शामिल होने का संदेह है।
-सीएनएन तुर्क के अनुसार 30 क्षेत्रीय गवर्नर और 50 से ज्यादा शीर्ष अधिकारियों को भी उनके पद से हटा दिया गया है।
-तीन हजार से अधिक सैनिक पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

तीन हजार जज को बनाया बंदी
-तुर्की की सरकारी न्यूज एजेंसी दोगान के अनुसार इनमें 103 जनरल और एडमिरल रैंक के अधिकारी हैं।
-तीन हजार न्यायाधीश और अभियोजक भी बंदी बनाए गए हैं।
-राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने रविवार को सरकारी प्रतिष्ठानों से गद्दारों को निकालने का संकल्प लिया था।

जनता के समर्थन से बची थी सरकार
-गौरतलब है कि जनता के समर्थन के बूते शुक्रवार की रात सैन्य तख्तापलट की कोशिश नाकाम कर दी गई थी।
-इसके बाद से ही एफ-16 लड़ाकू विमान से अंकारा और इस्तांबुल की निगरानी जारी है।
-इस्तांबुल के आसमान में कोई भी सैन्य हेलीकॉप्टर देखे जाने पर उसे मार गिराने का आदेश दिया गया है।
-दो हजार विशेष पुलिस बल इस्तांबुल में सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं।