अमेरिका की चीन पर कड़ी कार्रवाई: चीनी कंपनियों के खिलाफ उठाया इतना बड़ा कदम

अमेरिकी सीनेट से यह महत्वपूर्ण बिल पास होने के बाद अब चीन की कंपनियों को अमेरिकी बाजार में लिस्ट होने के लिए वहां के लेखा परीक्षण नियमों का पालन करना होगा। महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस बिल को सर्वसम्मति से पारित किया गया है।

Published by SK Gautam Published: May 22, 2020 | 6:23 pm
Modified: May 22, 2020 | 6:27 pm

वाशिंगटन: कोरोना संकट के इस दौर में चीन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए अमेरिका अब खुलकर सामने आ गया है। इस दिशा में अब अमेरिका की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिकी संसद ने चीन की कंपनियों को अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टिंग रोकने के लिए बिल पास कर दिया है। इस बिल के पास होने के बाद अमेरिका और चीन के बीच तल्खी और बढ़ गई है। चीन ने अमेरिका के इस कदम पर कड़ा विरोध जताया है।

सीनेट में सर्वसम्मति से पास हुआ बिल

अमेरिकी सीनेट से यह महत्वपूर्ण बिल पास होने के बाद अब चीन की कंपनियों को अमेरिकी बाजार में लिस्ट होने के लिए वहां के लेखा परीक्षण नियमों का पालन करना होगा। महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस बिल को सर्वसम्मति से पारित किया गया है। यह बिल रिपब्लिकन पार्टी के सांसद जॉन कैनेडी और डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद क्रिस वैन होलन की ओर से अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन यानी सीनेट में पेश किया गया था। इस बिल का हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचले सदन) में पास होना जरूरी है। यहां से बिल के पास होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पर हस्ताक्षर करेंगे और फिर भी यह बिल कानून का रूप ले लेगा।

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बिल का सीधा निशाना चीन पर

इस बिल के प्रावधानों के तहत अमेरिकी शेयर बाजार में ऐसी किसी भी कंपनी की सिक्योरिटी को लिस्ट नहीं किया जा सकता जो लगातार तीन साल तक अमेरिका के सार्वजनिक कंपनी लेखा परीक्षण बोर्ड के नियमों का अनुपालन करने में नाकाम रही हो। पब्लिक कंपनियों को यह खुलासा भी करना होगा कि विदेशी सरकारों का उन पर किस हद तक स्वामित्व है। यह बिल सभी सूचीबद्ध विदेशी कंपनियों पर लागू होगा मगर जानकारों का कहना है कि इस बिल का सीधा निशाना चीन पर ही है।

अब चीन नहीं दे पाएगा धोखा

बिल पेश करने वाले सांसद कैनेडी ने कहा कि धोखेबाज कंपनियों के लिए दुनिया के तमाम बाजार खुले हुए हैं मगर ऐसी कंपनियों को समझ लेना चाहिए कि वे अमेरिकी बाजार में अपना कारोबार नहीं कर पाएंगी। चीन हमेशा से साजिश रचने वाला देश रहा है और वह अमेरिका को हर मोड़ पर धोखा देता रहा है। बिल पेश करने वाले दूसरे सांसद होलन ने कहा कि चीनी कंपनियां हमेशा अमेरिकी कानूनों की धज्जियां उड़ाती रही हैं मगर उन्हें समझ लेना चाहिए कि वे आगे से ऐसा नहीं कर पाएंगी।

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चीन ने जताया कड़ा विरोध

अमेरिकी सीनेट में इस बिल के पास होने के बाद दुनिया के इन दो ताकतवर देशों में तल्खी और बढ़ गई है। चीन ने अमेरिका के इस कदम पर कड़ा विरोध जताते हुए इस बिल को पेश करने वाले सांसदों की तीखी आलोचना की है। चीन ने हाल में हांगकांग पर अपना नियंत्रण मजबूत बनाने के लिए कानूनों को और सख्त बना दिया है। चीन के इस कदम पर अमेरिका ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उसे कार्रवाई करने की चेतावनी दी है ।

कोरोना संकट में तल्खी और बढ़ी

कोरोना संकट के इस दौर में चीन और अमेरिका के बीच तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार यह आरोप लगा चुके हैं कि चीन ने कोरोना वायरस के बारे में पूरी दुनिया को अंधेरे में रखा। चीन द्वारा सही जानकारी न देने का नतीजा आज पूरी दुनिया भगत रही है। ट्रंप इस वायरस को चीनी वायरस तक की संज्ञा दे चुके हैं। यह वायरस दुनिया में करीब सवा तीन लाख लोगों की जान ले चुका है। दूसरी ओर चीन का कहना है कि अमेरिका उस पर झूठे आरोप लगा रहा है और वह खुद भी इस वायरस का बड़ा भुक्तभोगी रहा है।

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