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मुस्लिम देशों के पास हैं बैलिस्टिक मिसाइल? जानें दुनिया के कौन से देश हैं एडवांस टेक्नोलॉजी में सबसे आगे
Ballistic Missiles: काफी दूर से ही दुश्मन को टारगेट कर धूल चटा देने वाली मिसाइलों को इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल्स (आईसीबीएमएस) कहा जाता है।
Ballistic Missiles
Ballistic Missiles: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बाद दुनिया में मिसाइलों की चर्चा तेज हो गयी। सबसे खतरनाक और दूर तक मार करने वाले मिसाइलें रखना अब किसी भी देश की सुरक्षा के साथ ही उसकी पहचान भी बन चुकी है। काफी दूर से ही दुश्मन को टारगेट कर धूल चटा देने वाली मिसाइलों को इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल्स (ICBMs) कहा जाता है। इन मिसाइलों की खासियत यह भी है कि यह हजारों किमी दूर परमाणु हथियारों को भी ले जा सकती है और एक साथ कई शहरों को मिट्टी में मिला सकते हैं। आइए जानते हैं दुनिया के कौन से वह देश हैं जो इस एडवांस टेक्नोलॉजी में सबसे आगे हैं? क्या इस लिस्ट में कोई मुस्लिम देश भी शामिल है?
किस देश के पास एडवांस मिसाइल तकनीक?
साल 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार रूस उन्नत मिसाइल तकनीक लिस्ट में पहले पायदान पर है। रूस की मिसाइल RS-28 Sarmat (Satan II) पूरी दुनिया में सर्वाधिक खतरनाक मिसाइल मानी जाती है। इस मिसाइल की मारक क्षमता 18,000 किमी है। यह एक साथ कई परमाणु मिसाइलों को अलग-अलग जगहों पर पलक झपकाते ही गिरा देने में भी सक्षम है।
वहीं दूसरे नंबर पर चीन है। जिसकी DF-41 मिसाइल की रेंज 15 हजार किमी तक है। तीसरे नंबर अमेरिका की LGM-35 Sentinel और Trident II D5 मिसाइल हैं जोकि पनडुब्बी के भी टारगेट पर छोड़ी जा रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बेहद सटीक निशाने पर वार करती है। वहीं इस सूची में भारत भी Agni-V मिसाइल के जरिए दसवें नंबर पर शामिल है। भारत की Agni-V मिसाइल की पांच से आठ किलोमीटर दूर तक वार कर सकती है।
ICBMs में दुनिया की टॉप 10 देश
रूस: RS-28 Sarmat
चीन: DF-41
अमेरिका: LGM-35 Sentinel
अमेरिका/ब्रिटेन: Trident II D5
रूस: RS-24 Yars
फ्रांस: M51
रूस: R-29RMU2.1 Layner
अमेरिका: LGM-30G Minuteman III
चीन: JL-2
भारत: Agni-V
लिस्ट में कोई मुस्लिम देश शामिल नहीं
साल 2025 की इस टॉप 10 आईसीबीएमएस की सूची में कोई भी मुस्लिम देश शामिल नहीं है। पाकिस्तान हो, ईरान हो या फिर कोई भी मुस्लिम देश। बैलिस्टिक मिसाइलों के मामले में वह अभी पीछे ही हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि मुस्लिम देश मिसाइलों की टेक्नोलॉजी पर काम नहीं कर रहे हैं। पाकिस्तान, ईरान समेत कुछ अन्य मुस्लिम देश लगातार मिसाइल टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं। लेकिन अभी मिसाइलों की रेंज और टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस नहीं हुई है कि वो इस सूची में शामिल हो सकें।


