चार बार बम… तेजस्वी को किससे जान का खतरा! माँ राबड़ी देवी के दावे से बदल गया बिहार का माहौल
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक राबड़ी देवी का सनसनीखेज बयान, तेजस्वी यादव को जान का खतरा, बीजेपी और जेडीयू पर आरोप। बिहार की सियासत में मचा भूचाल, चुनावी घमासान तेज। जानिए पूरी खबर
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Bihar News: बिहार की राजनीति में चुनावी माहौल के चलते आय दिन विवाद और बयानबाजी का सिलसिला जारी रहता है। जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक तनाव और आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। इस बार बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली बयानबाजी सुनने को मिली, जब उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव के पिता और आरजेडी प्रमुख लालू यादव को अपराधी और चोर तक कह दिया। इसके बाद, राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया।
राबड़ी देवी का बयान
अब इसी राजनीतिक रंजिश के बीच बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का एक बयान सामने आया है, जिसने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। राबड़ी देवी ने शुक्रवार को पटना में यह दावा किया कि तेजस्वी यादव की जान को खतरा है। उन्होंने कहा, तेजस्वी को चार बार मारने की कोशिश की जा चुकी है और अब भी यह कोशिश की जा रही है। राबड़ी देवी ने आगे कहा कि इस साजिश के पीछे केवल जेडीयू और बीजेपी के लोग हो सकते हैं, क्योंकि उनके अनुसार, ये लोग संस्कारहीन और "नाले के कीड़े हैं।
राजनीति में विवाद का कारण बन गया
राबड़ी देवी का यह बयान बिहार की राजनीति में विवाद का कारण बन गया है। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या यह बयान सिर्फ चुनावी राजनीति का हिस्सा है, ताकि चुनावी मैदान में जनता को अपनी ओर आकर्षित किया जा सके। हालांकि, यह सवाल भी उठ रहा है कि इस तरह की बयानबाजी से बिहार की राजनीति को क्या फायदा होगा, या फिर यह एक और राजनीतिक स्टंट साबित होगा। चुनावी माहौल में ऐसे आरोप-प्रत्यारोप केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए तो नहीं किए जा रहे हैं, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
कब होगा बिहार चुनाव
बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में अक्टूबर-नवंबर के बीच होने की संभावना है। राज्य में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं, और किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल करने के लिए 122 सीटों की आवश्यकता होगी। इस बार चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा, जेडीयू, लोजपा , जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों के एनडीए गठबंधन और राजद, कांग्रेस तथा अन्य दलों के महागठबंधन के बीच होने की संभावना है। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज और ओवैसी की एआईएमआईएम भी चुनावी मैदान में हैं।सभी पार्टियां अपने-अपने तरीके से चुनावी प्रचार कर रही हैं, और बयानबाजी भी उसी का हिस्सा मानी जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की राजनीति में क्या बदलाव आता है और बिहार के मतदाता इस चुनावी माहौल में किसे चुनते हैं।