लालू परिवार में 'औरंगजेब' की एंट्री?BJP ने तेजस्वी यादव पर साधा निशाना, कहा-'पिता को कैदखाने में...'
लालू परिवार की अंदरूनी कलह ने बिहार की सियासत गरमा दी है। बीजेपी ने तेजस्वी यादव को 'आरजेडी का औरंगजेब' बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहिणी आचार्य और तेज प्रताप यादव भी इस विवाद में कूद पड़े हैं, जिससे चुनावी हलचल और तेज हो गई है।
Lalu Yadav Family Controversy: बिहार की सियासत में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा लालू परिवार की 'अंदरूनी जंग' की हो रही है। भाई-बहन की इस लड़ाई को अब विपक्ष ने भी भुनाना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर सीधा और तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने तेजस्वी को 'राजद का औरंगजेब' बताते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने न केवल अपने भाई के राजनीतिक करियर का 'गला रेता', बल्कि अपने पिता लालू प्रसाद यादव को भी 'कैदखाने' में डालकर चुप रहने पर मजबूर कर दिया है। यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू हुआ है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
'RJD का रिमोट संजय यादव के हाथ में'
अमित मालवीय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए लालू परिवार में चल रही खींचतान का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, "तेजस्वी यादव की कोई तो कमजोर नस है, जिसे संजय यादव ने दबा रखा है! संजय के दबाव में तेजस्वी अपने ही पूरे परिवार का गला घोंट रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि "अब तो बच्चा-बच्चा कहने लगा है- राजद का रिमोट संजय यादव के हाथ में है।" मालवीय के इन आरोपों ने पार्टी के भीतर तेजस्वी के सलाहकार और रणनीतिकार माने जाने वाले संजय यादव की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
रोहिणी आचार्य का 'डिजिटल विद्रोह'
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लालू यादव की बेटी और तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से परिवार के सभी सदस्यों को 'अनफॉलो' कर दिया। इस कदम को लालू परिवार में सब कुछ ठीक न होने का सबसे बड़ा संकेत माना गया। इससे पहले रोहिणी ने तेजस्वी की यात्रा के दौरान बस की अगली सीट पर संजय यादव के बैठे होने की तस्वीर साझा कर उन पर हमला बोला था। इस टिप्पणी के बाद रोहिणी आचार्य पर सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत हमले शुरू हो गए। उन पर राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण संजय यादव पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया जाने लगा। इसके जवाब में, रोहिणी ने एक भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पिता लालू यादव को किडनी दान देने की अपनी कुर्बानी की याद दिलाई। उन्होंने यह भी लिखा कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है, लेकिन उनके लिए आत्मसम्मान से बढ़कर कुछ नहीं है।
'सुदर्शन चक्र' की धमकी: तेज प्रताप का बहन को समर्थन
इस पूरे प्रकरण में लालू परिवार के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव खुलकर अपनी बहन रोहिणी के पक्ष में खड़े नजर आए। उन्होंने रोहिणी के सोशल मीडिया पोस्ट को पूरी तरह सही ठहराया और बहन के अपमान पर 'सुदर्शन चक्र' चलाने तक की चेतावनी दे डाली। तेज प्रताप का यह बयान साफ तौर पर यह दिखाता है कि यह सिर्फ रोहिणी और तेजस्वी के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरा परिवार इस खींचतान में शामिल है। इस पारिवारिक कलह को भाजपा एक बड़े राजनीतिक अवसर के रूप में देख रही है। केशव प्रसाद मौर्य के बाद अमित मालवीय का यह हमला दिखाता है कि भाजपा राजद के इस 'पारिवारिक संकट' को बिहार विधानसभा चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है। अब देखना यह है कि लालू परिवार इस आंतरिक कलह को कैसे सुलझाता है, और क्या यह विवाद राजद के चुनावी भविष्य पर कोई असर डाल पाएगा।