Onion Price in India: त्योहारी सीजन के करीब आते ही चढ़ने लगे प्याज के भाव, सरकार भी हुई एक्टिव, उठाया बड़ा कदम
Onion Price in India: केंद्र सरकार ने फौरन दखल देते हुए प्याज की कीमतों नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने बड़े पैमाने पर देश से निर्यात किए जाने वाले प्याज (Pyaj Ka Dam Kitna Hai) को हतोत्साहित करने का निर्णय लिया है।
Onion Price in India: टमाटर और अन्य सब्जियों के आसमान छूती कीमतों को लेकर देश में पहले ही हाहाकार मचा हुआ है। मामला इतना गंभीर हो गया कि सरकार को दखल देना पड़ा और विभिन्न शहरों में वह खुद अपने एजेंसियों के माध्यम से टमाटर बेच रही है। हालांकि, मंडियों में भाव अभी भी ऊंचे हैं। इन सबके बीच अब प्याज की कीमतें धीरे-धीरें चढ़ने लगी हैं। जिससे लोग परेशान हैं। सरकार भी इससे चिंतित नजर आ रही है।
केंद्र सरकार ने फौरन दखल देते हुए प्याज की कीमतों नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने बड़े पैमाने पर देश से निर्यात किए जाने वाले प्याज को हतोत्साहित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्याज के एक्सपोर्ट पर 40 प्रतिशत की ड्यूटी लगा दी गई है, ताकि कारोबारी इसे निर्यात करने की बजाय घरेलू मार्केट में ही खपाएं। जिससे कीमतों को काबू में रखने में मदद मिलेगी।
31 दिसंबर तक लगेगा निर्यात शुल्क
प्याज के निर्यात पर अभी तक सरकार द्वारा कोई शुल्क नहीं लगाया जाता था। लेकिन घरेलू मार्केट में अचानक प्याज की कीमतों में आई तेजी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा आननफानन में ये निर्णय लिया गया। सरकार इस कदम के जरिए देश में प्याज की उपलब्धता को बनाए रखना चाहती है, ताकि टमाटर की तरह इसकी कीमत बेलगाम न हो जाए।
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वित्त मंत्रालय ने प्याज पर 40 प्रतिशत एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने को लेकर जारी नोटिफिकेशन में बताया कि यह तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जो 31 दिसंबर तक रहेगी। 40 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी को सामान्य भाषा में ऐसे समझें, अगर कोई कारोबारी एक लाख का प्याज विदेश में निर्यात करना चाहता है तो उसे 40 हजार रूपये बतौर टैक्स सरकार को देना होगा। ऐसे में ये कोई खास मुनाफे का सौदा रह नहीं जाता, जिसके कारण कारोबारी एक्सपोर्ट को लेकर हतोत्साहित होंगे।
वर्तमान में क्या चल रहा भाव
प्याज की खुदरा कीमतें धीरे-धीरे मंडियों में चढ़ने लगी हैं। 10 अगस्त को इसका ऑल इंडिया रिटेल प्राइस 28 रूपये के करीब था। एक साल पहले इसी अवधि में इसकी कीमत 2 रूपये प्रतिकिलो से थोड़ा ज्यादा था। वहीं लेटेस्ट कीमत जो उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं, उसके मुताबिक शनिवार को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 30.72 रूपये प्रति किलोग्राम थी और अधिकतम कीमत 63 रूपये प्रति किलोग्राम थी।
दरअसल, हर साल फेस्टिव सीजन यानी अक्टूबर-नवंबर में प्याज की कीमतों को लेकर देश में हाहाकार मचता रहा है। कई बार तो सरकार को विदेशों से इंपोर्ट कराने की नौबत तक आ चुकी है। इसके अलावा प्याज की कीमत राजनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील रही हैं। अगले दो-तीन महीनों में कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं, जिसे देखते हुए केंद्र सरकार कीमतों को नियंत्रित करने की कवायद में अभी से जुट गई है।