SIR Verdict: अमन अरोरा बोले, कोर्ट के फैसले का सम्मान, मगर चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं

SIR Verdict: एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए आम आदमी पार्टी नेता अमन अरोरा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।

Update:2026-05-27 16:42 IST

Aman Arora

SIR Verdict: सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुधवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सुनाए गए फैसले को लेकर विपक्षी दलों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष के नेताओं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है।

चुनाव आयोग की नीयत पर संदेह

पंजाब के मंत्री व आप के वरिष्ठ नेता अमन अरोरा ने कहा, "हम सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं और उसके आदेश को स्वीकार करते हैं। हमने शुरू से ही कहा है कि हमें किसी भी प्रकार की प्रक्रिया, चाहे वह एसआईआर हो या कुछ और, कोई डर, आशंका या कोई विरोध नहीं है। चिंता का विषय यह है कि भारत निर्वाचन आयोग एसआईआर को अंजाम दे रहा है। आयोग से इस डर के पीछे उसका इरादा, उसकी कार्यशैली है, जिस पर सिर्फ आम आदमी पार्टी ही नहीं बल्कि देश के ज्यादातर लोगों का विश्वास नहीं है।

पंजाब के मंत्री अमन अरोरा ने कहा, "हम अपने सभी लोगों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से एसआईर पर निगाह रखने को कहा है। कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करें ताकि ऐसा न हो कि लोग घर पर बैठे रहें और उन्हें इसके बारे में जानकारी न मिल सके। साथ ही, वोटर लिस्ट पर पूरी निगाह रखी जाए और सभी के मताधिकारों को पूरी तरह से सुनिश्चित किया जा सके।

टीएमसी और कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

वहीं, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "मैंने जो फैसला सुना है, उसमें यह माना गया है कि चुनाव आयोग द्वारा प्रदान की गई सुरक्षा पर्याप्त थी। इसमें एक दिलचस्प बात यह कही गई है कि चुनाव आयोग को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन नागरिक है और कौन नहीं।"

उधर, कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। एसआईआर में कई विसंगतियां थी और कई जिंदा लोगों को मरा घोषित कर दिया गया था। ऐसे लोग राहुल गांधी के साथ चाय पी चुके हैं। हो सकता है कि ये विसंगतियां ठीक हो गई हों। मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने के साथ स्वागत करता हूं।"

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