Begusarai Gang Rape: बेगूसराय में दरिंदगी की इंतिहा! गैंगरेप के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट में ठूंसा कारतूस,पत्थर और...डॉक्टर भी दंग
Begusarai Gang Rape: बिहार के बेगूसराय में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। 5 बदमाशों ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसके अंदरूनी अंग में जिंदा कारतूस और पत्थर ठूंस दिए।
Begusarai Gang Rape: बिहार के बेगूसराय जिले से इंसानियत को पूरी तरह शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यहां पांच बेरहम बदमाशों ने मिलकर एक बेबस महिला के साथ न केवल सामूहिक दुष्कर्म किया, बल्कि उसके साथ क्रूरता की ऐसी खूनी इबारत लिखी जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप उठे। दरिंदों ने पीड़िता के हाथ-पैर बांधकर उसके पूरे शरीर को ब्लेड से गोद डाला और फिर उसके अंदरूनी अंग में बंदूक की गोली, नुकीले पत्थर और लकड़ी के टुकड़े डाल दिए। इस दिल दहला देने वाली घटना के सामने आते ही पुलिस महकमे से लेकर पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है।
शौच के लिए निकली थी महिला
यह पूरी दर्दनाक दास्तान बीते 11 जून की रात की है। पीड़ित महिला रोज की तरह जब घर के पास बने शौचालय की तरफ गई थी, तभी पहले से घात लगाए बैठे पांच अपराधियों ने उसे दबोच लिया। हैवानों ने सबसे पहले महिला के पति के कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी ताकि वह मदद के लिए न आ सके। इसके बाद शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए महिला का मुंह साड़ी से बांध दिया गया और उसके कपड़े फाड़कर उसे एक सुनसान अंधेरी जगह पर ले गए। वहां पांचों दरिंदों ने बारी-बारी से उसके साथ जबरन मुंह काला किया। महिला लगातार अपनी जान की भीख मांगती रही, लेकिन उन जालिमों का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने गुस्से में आकर महिला की छाती और जांघों पर ब्लेड से अनगिनत वार किए।
6 दिनों तक दर्द से तड़पती रही पीड़िता
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला को मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग निकले। अगली सुबह किसी तरह पीड़िता को इलाज के लिए स्थानीय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे 12 जून को घर भेज दिया। लेकिन घर लौटने के बाद भी महिला का अंदरूनी दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा था। वह असहनीय पीड़ा से लगातार तड़पती रही। आखिरकार छह दिनों बाद 17 जून को जब उसे दोबारा अस्पताल लाया गया, तब डॉक्टरों ने उसका अल्ट्रासाउंड किया। जांच की रिपोर्ट देखते ही डॉक्टरों के होश उड़ गए। महिला के गुप्तांग के भीतर से ऑपरेशन के जरिए एक जिंदा कारतूस, पत्थर के टुकड़े और लकड़ी का हिस्सा बाहर निकाला गया, जो बेहोशी की हालत में उसके शरीर के अंदर ठूंसे गए थे।
खाकी पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना वाली रात जब उन्होंने थाने को सूचित किया, तो पुलिस ने तत्परता दिखाने के बजाय सिर्फ अस्पताल जाने की सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। महिला ने बताया कि करीब तीन महीने पहले भी इन्हीं बदमाशों में से तीन लोग उसके घर में जबरन घुस आए थे। उस समय भी उन्होंने महिला के साथ मारपीट की, कपड़े फाड़े और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। तब भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन खाकी की सुस्ती के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने दोबारा इस खौफनाक कांड को अंजाम दे डाला।
पुलिस महकमे में खलबली
मामला जैसे ही आला अधिकारियों के संज्ञान में आया, पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस अधीक्षक के कड़े आदेश पर दो डीएसपी आनंद कुमार पांडे और दुर्गा कुमारी महिला पुलिस बल के साथ तुरंत सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता का दोबारा विस्तृत बयान दर्ज किया है।
DSP आनंद कुमार पांडे ने मीडिया को बताया कि शुरुआती जांच और डॉक्टरों की रिपोर्ट से महिला के आरोप बिल्कुल सच साबित हो रहे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सभी फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और इस मामले का स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। साथ ही, यदि शुरुआती जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही पाई गई, तो उस पर भी सख्त एक्शन लिया जाएगा।