BJP Reshuffle: भाजपा संगठन व सरकार में बड़े फेरबदल की आहट, कईयों की छुट्टी तय, इनको मिल सकती है कमान
BJP Reshuffle: भाजपा संगठन और केंद्र सरकार में बड़े फेरबदल की चर्चा तेज है। धर्मेंद्र प्रधान की मंत्रिमंडल से छुट्टी, निर्मला सीतारमण को शिक्षा मंत्रालय और शशिकांत दास को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की अटकलें हैं। कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
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BJP Reshuffle: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन व सरकार में व्यापक फेरबदल की तैयारी कर ली गई है। इसमें कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल व कैबिनेट के मंत्रियों तथा केंद्रीय संगठन में पदाधिकारियों में व्यापक फेरबदल की तैयारी कर ली गई है। इसके चलते तक़रीबन आधा दर्जन से अधिक केंद्रीय मंत्रियों के विभाग में रद्दोबदल, तक़रीबन चार से छह पुराने मंत्रियों की छुट्टी होने की गुंजाइश बनती है। दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों में बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान की छुट्टी तय
केंद्रीय एजेंसी द्वारा कराई गई परीक्षाओं को लेकर निशाने पर आये शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मंत्रिमंडल से छुट्टी तय मानी जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अब नई शिक्षा मंत्री होगीं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रहे शशिकांत दास को वित्त मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी जा सकती है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी की भी छुट्टी हो सकती है। यह विभाग पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के हाथ लग सकता है। ऊर्जा व नगर विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के विभाग में फेरबदल के संकेत मिल रहे है। उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की वित्त राज्य मंत्री से छुट्टी होगी।यह फैसला उत्तर प्रदेश चुनाव के मद्देनज़र लिया जा रहा है। मध्य प्रदेश से खजुराहो के सांसद बीडी शर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार को भी कैबिनेट में सीट मिलना तय है। पश्चिम उत्तर प्रदेश से किसी ब्राह्मण सांसद व एक ओबीसी सांसद की लाटरी लग सकती है।
यहां गिर सकती है गाज
हरियाणा, राजस्थान व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों पर भी गाज गिर सकती है। यदि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर गाज गिरी तो भाजपा के शुभंकर समझे जाने वाले सुनील बंसल को राजस्थान का ताज मिल सकता है। बंसनने उड़ीसा व पश्चिम बंगाल के चुनावी जीत में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे उत्तर प्रदेश में भी लंबे समय तक संगठन मंत्री रहे हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री पर यदि गाज गिरी तों भूपेन्द्र यादव को यह ताज मिल सकता है।