Muharram Poison Capsule Case: मुहर्रम जुलूस में नरसंहार की साज़िश नाकाम! जहरीले कैप्सूल बांटने वाले आरोपी का चौंकाने वाला कबूलनामा

Mumbai Muharram Poison Capsule Case: मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जनहानि की साजिश का मामला सामने आया है।

Update:2026-06-28 14:00 IST

Mumbai Muharram Poison Capsule Case

Mumbai Muharram Poison Capsule Case: मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जनहानि की साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि वह जुलूस में शामिल लोगों के बीच जहरीले कैप्सूल दर्द निवारक दवा बताकर बांट रहा था। पुलिस के अनुसार समय रहते कार्रवाई होने से एक संभावित बड़ी घटना टल गई। फिलहाल मामले की जांच कई एजेंसियों द्वारा विभिन्न पहलुओं से की जा रही है।

संदिग्ध गतिविधि देखकर पुलिस ने किया गिरफ्तार

मुंबई पुलिस के मुताबिक भायखला थाना क्षेत्र में मुहर्रम के जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों ने एक व्यक्ति को संदिग्ध परिस्थितियों में लोगों के बीच कैप्सूल बांटते हुए देखा। उसके व्यवहार पर शक होने के बाद पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर कैप्सूल जब्त कर लिए। प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से कम से कम 15 हजार लोगों को नुकसान पहुंचाने की मंशा जाहिर की। पुलिस जांच कर रही है और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

जांच में जहरीला रसायन मिलने का दावा

पुलिस के अनुसार जब्त किए गए कैप्सूलों की जांच में उनमें जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीला रसायन होने की पुष्टि हुई है। जिंक फॉस्फाइड का उपयोग आमतौर पर चूहे मारने की दवा के रूप में किया जाता है और यह मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। मामले का खुलासा तब हुआ जब सलमान नामक एक व्यक्ति ने आरोपी से मिला एक कैप्सूल खा लिया। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टी तथा तेज पेट दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद पुलिस ने कैप्सूलों की जांच कराई, जिसमें कथित तौर पर जहरीले पदार्थ की पुष्टि हुई।

हजारों कैप्सूल बरामद

डीसीपी (सेंट्रल जोन-1) के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले लगभग 15 दिनों से योजना की तैयारी कर रहा था। पुलिस का कहना है कि उसने लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड की व्यवस्था की और करीब 30 हजार खाली कैप्सूल जुटाए। अब तक पुलिस आरोपी के कब्जे से 14,900 जहरीले कैप्सूल बरामद करने का दावा कर रही है। शेष कैप्सूल और अन्य रासायनिक पदार्थों की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित साजिश में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल था या नहीं।

डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच

पुलिस के अनुसार आरोपी पेंट के कारोबार से जुड़ा है और इसी माध्यम से उसने रासायनिक पदार्थ हासिल किए, जबकि खाली कैप्सूल ऑनलाइन मंगवाए गए थे। अब जांच एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियों, बैंक लेन-देन और विदेश यात्रा के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के किसी अन्य व्यक्ति, संगठन या विदेशी संपर्क से संबंध थे या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित साजिश का दायरा कितना बड़ा था। पुलिस का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण संभावित बड़ी घटना को समय रहते टाल दिया गया।

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