Chandigarh में ‘होटल द फर्न’ के पास जमींदोज हुई बिल्डिंग, मजदूर ने बताई असली हकीकत, मलबे में दबे 20+ लोग!
Chandigarh Building Collapse: चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में होटल द फर्न के पास एक इमारत अचानक ढह गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
Chandigarh Building Collapse: चंडीगढ़ में शनिवार की ढलती शाम एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला बड़ा हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके के लोगों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया. यहां एक पुरानी इमारत में मरम्मत और रिनोवेशन का काम बेहद तेजी से चल रहा था कि तभी अचानक पूरी की पूरी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह भरभराकर नीचे गिर गई. इस खौफनाक हादसे के होते ही वहां अफरा-तफरी मच गई.
आंखों के सामने आया भूकंप जैसा मंजर
इस भयानक हादसे में साक्षात मौत के मुंह से बचकर बाहर निकले मजदूरों और वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो वह पूरा नजारा किसी भयंकर डरावने सपने जैसा था. चश्मदीदों ने बताया कि शाम के वक्त अचानक ऐसा लगा जैसे कोई बहुत तेज भूकंप आ गया हो. देखते ही देखते चंद सेकंड के भीतर पूरी की पूरी आलीशान इमारत मलबे के ढेर में बदल गई. चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ कंक्रीट के धूल का गुबार उड़ रहा था और मलबे के नीचे दबे लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी. सूचना मिलते ही राहत और बचाव की टीमें मौके पर पहुंच गईं और उन्होंने मलबे से 4 लोगों को सही सलामत बाहर निकाल लिया.
शाम 4:30 बजे टूटी आफत और बारिश की बाधा
सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह दर्दनाक हादसा शाम करीब 4:30 बजे के आसपास घटित हुआ. बताया जा रहा है कि इस समय लगातार बारिश का मौसम बना हुआ था, लेकिन इसके बावजूद इस पुरानी बिल्डिंग के ढांचे को मजबूत करने के लिए रिनोवेशन का काम लगातार जारी था. इसी दौरान अचानक कमजोर हो चुके स्ट्रक्चर ने जवाब दे दिया और पूरी छत नीचे आ गिरी. स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से जिन 4 घायलों को तुरंत रेस्क्यू किया था, उन्हें इलाज के लिए पास के बड़े अस्पताल में दाखिल कराया जा चुका है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है.
मलबे में दबे लोगों की असली गिनती पर सस्पेंस
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर चंडीगढ़ के मेयर ने एक बेहद अहम जानकारी मीडिया के साथ साझा की है. मेयर के मुताबिक अब तक 4 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि अभी भी 2 लोग भारी मलबे के नीचे दबे हुए हैं. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि मलबे में फंसे ये दोनों लोग पूरी तरह जीवित हैं और वे मलबे के अंदर से ही बचाव दल के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. हालांकि, हादसे से जिंदा बचकर निकले एक मजदूर ने बेहद सनसनीखेज दावा करते हुए बताया कि लेंटर के नीचे 2 नहीं बल्कि 20 से ज्यादा लोग दबे हो सकते हैं. लगातार हो रही तेज बारिश के कारण बचाव अभियान में थोड़ी देरी जरूर हो रही है.
कंक्रीट का लेंटर काटकर रास्ता बनाने की जंग
मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम के आला अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे ऑपरेशन को पूरी तरह से खत्म होने में अभी 1 घंटे से ज्यादा का लंबा समय और लग सकता है. भारी लेंटर के नीचे दबी हुई कीमती जिंदगियों को बिना किसी नई चोट या नुकसान के सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कंक्रीट की छत को बहुत ही सावधानीपूर्वक और वैज्ञानिक तरीके से काटा जा रहा है. हादसे की भयंकर विकरालता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को संयुक्त रूप से काम पर लगा दिया है. एनडीआरएफ के जवानों ने अपने विशेष वाहनों से आधुनिक उपकरण निकालकर पूरी मुस्तैदी से डिटेल एक्शन मोड में मोर्चा संभालकर राहत कार्य शुरू कर दिया है.