Chandigarh में ‘होटल द फर्न’ के पास जमींदोज हुई बिल्डिंग, मलबे में दबे कई लोग, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
Chandigarh Building Collapse: चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में होटल द फर्न के पास एक इमारत अचानक ढह गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
Chandigarh Building Collapse: चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां स्थित मशहूर ‘होटल द फर्न’ के बिल्कुल नजदीक बनी एक बड़ी इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर नीचे गिर गई. इस भयानक हादसे के होते ही पूरे इलाके में अचानक चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ धूल का गुबार छाने के साथ ही भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. इस समय सबसे बड़ी और डरावनी चिंता यह है कि ढहे हुए मलबे के विशाल ढेर के नीचे कम से कम 2 से 3 बेकसूर लोगों के दबे होने की बेहद गहरी आशंका है. घटना की भनक लगते ही पुलिस प्रशासन और बचाव दल की गाड़ियां बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंच चुकी हैं और मलबे के नीचे दबी जिंदगियों को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर महा-अभियान चलाया जा रहा है.
मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश
ताजा जानकारी के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य में जुटे जांबाज कर्मियों ने मलबे के भीतर उस सटीक जगह को पूरी तरह से चिन्हित कर लिया है, जहां पर इंसानों के फंसे होने के सबसे पुख्ता सुराग मिले हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ ही मिनटों के भीतर अंदर दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा. हालांकि, जिस वक्त यह दर्दनाक हादसा हुआ, उस समय इमारत के अंदर या उसके आसपास कुल कितने लोग मौजूद थे, इसका कोई भी साफ और सटीक आंकड़ा अभी तक प्रशासन के पास मौजूद नहीं है. लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मलबे का वजन इतना ज्यादा है कि नीचे कुछ और लोग भी फंसे हो सकते हैं.
मौके पर तैनात की गईं JCB मशीनें
हादसे की भयावहता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस, जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां भारी दलबल और आधुनिक उपकरणों के साथ चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं. इस समय प्रशासन की सबसे पहली और इकलौती प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ मलबे में दबी सांसों को वक्त रहते बचाना है. इसके लिए बड़ी-बड़ी जेसीबी मशीनों को काम पर लगा दिया गया है जो भारी पत्थरों और कंक्रीट को हटाने में जुटी हैं.
चप्पे-चप्पे पर पुलिस का कड़ा पहरा
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और घायलों को बिना देरी किए तुरंत इलाज देने के लिए घटनास्थल पर कई एंबुलेंस भी बिल्कुल तैयार हालत में खड़ी की गई हैं. पुलिस विभाग ने एहतियात बरतते हुए पूरे प्रभावित इलाके को चारों तरफ से घेरकर सील कर दिया है, ताकि आम जनता की भीड़ के कारण रेस्क्यू के काम में कोई भी रुकावट पैदा न हो पाए. यह इतनी बड़ी बिल्डिंग आखिर कैसे गिर गई, इसके पीछे की असली वजह क्या थी, यह सब जांच के बाद ही साफ होगा लेकिन फिलहाल सारा ध्यान लोगों की जान बचाने पर है.