'Floccinaucinihilipilificationn', निर्मला सीतारमण के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने क्यों बोला इतना मुश्किल शब्द? जानें इसका मतलब

Floccinaucinihilipilificationn: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक अहम फैसले में वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत को खारिज कर दिया है।

Update:2026-04-02 09:52 IST

Nirmala Sitharaman

Floccinaucinihilipilificationn: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक अहम फैसले में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत को खारिज कर दिया है। यह शिकायत सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा की ओर से दाखिल की गई थी। अदालत के इस फैसले ने न सिर्फ मामले को खत्म किया, बल्कि अपने तर्क में एक बेहद दुर्लभ अंग्रेजी शब्द “Floccinaucinihilipilification” का उपयोग कर ध्यान भी खींचा।

अदालत ने इस शब्द का इस्तेमाल करते हुए स्पष्ट किया कि शिकायत पूरी तरह “मूल्यहीन” और “बिना आधार” की है। “Floccinaucinihilipilification” का अर्थ होता है किसी चीज को पूरी तरह बेकार या महत्वहीन मानना। कोर्ट ने कहा कि यह शिकायत उसी श्रेणी में आती है, जहां एक साधारण और गैर-जरूरी मुद्दे को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।

यह मामला अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल की अदालत में सुना गया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में आगे कार्यवाही करने का कोई ठोस आधार नहीं बनता, इसलिए संज्ञान लेने से इनकार किया जाता है और शिकायत को खारिज किया जाता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनावी माहौल में दिए गए राजनीतिक बयान को हर बार आपराधिक मानहानि नहीं माना जा सकता।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जब कोई राजनीतिक नेता अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ संभावित तथ्यों या आरोपों को सामने रखता है, तो उसे स्वतः मानहानि नहीं माना जा सकता, खासकर जब वह बयान एक व्यापक राजनीतिक संदर्भ में दिया गया हो। कोर्ट ने संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस के पूरे ट्रांसक्रिप्ट और रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के बाद पाया कि बयान मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी गठबंधन पर राजनीतिक हमला था, न कि किसी व्यक्तिगत व्यक्ति को निशाना बनाना।

महत्वपूर्ण बात यह भी रही कि उस प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता लिपिका मित्रा का नाम तक नहीं लिया गया था और न ही उनके खिलाफ कोई स्वतंत्र आरोप लगाया गया था। अदालत ने कहा कि इस तरह के राजनीतिक बयान को आपराधिक मानहानि की श्रेणी में रखना उचित नहीं है। लिपिका मित्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 17 मई 2024 को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्मला सीतारमण ने सोमनाथ भारती की छवि खराब करने और चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से झूठे और दुर्भावनापूर्ण बयान दिए थे। हालांकि, अदालत ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया और शिकायत को निराधार बताया।

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