'कब, कैसे और कहां मारना है'... केतन की 'हत्या' की पूरी Script पहले ही लिखी जा चुकी थी? पुलिस के हाथ लगा सबसे बड़ा गवाह
Ketan Agrawal Murder Case: पुलिस जांच में चेतन चौधरी की दुकान पर काम करने वाला नीरज कुमार भी सबसे बड़ा और अहम गवाह के रूप में सामने आया है।
Ketan Agrawal Murder Case
Ketan Agrawal Murder Case: महाराष्ट्र के पुणे का प्रसिद्ध लोहागढ़ किला इन दिनों एक देश के सबसे हाईप्रोफाइल हत्याकांड चर्चा में बना हुआ है। बिजनेसमैन विशाल अग्रवाल के बेटे केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है और हर दिन नए और चौंका देने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआत में जिस घटना को किले से गिरने के कारण से हुई मौत बताया गया था, अब पुलिस जांच में इसे हत्या की साजिश के तौर पर देखा जा रहा है।
हत्या में चेतन चौधरी की सबसे बड़ी भूमिका
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका सामने आई है। जांच में ये भी दावा किया गया है कि दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि सिया और चेतन ने मई महीने से ही लोहागढ़ किले की रेकी शुरू कर दी थी। आरोप है कि उन्होंने किले को वारदात के स्थान के तौर पर चुना और पूरी प्लानिंग के तहत इस घटना को अंजाम दिया।
ये थी प्लानिंग...
केतन और सिया 18 जून को लोहागढ़ किले पर घूमने गए थे। आरंभिक जानकारी के मुताबिक, केतन अचानक ही घाटी में गिर गया और उसकी मौत हो गई। लेकिन कुछ ही वक़्त बाद पुलिस को घटना में संदेह हुआ और जांच का रुख बदल गया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने सिया और चेतन से भी सवाल किए, जिसके बाद दोनों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगा।
मोबाइल से डिलीट किए गए सभी चैट और कॉल रिकॉर्ड
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन से कई चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हुई हैं कि हत्या से पहले दोनों के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी और क्या कोई डिजिटल सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
चेतन ने लोकेशन छिपाने का प्रयास किया
पुलिस जांच में चेतन चौधरी की दुकान पर काम करने वाला नीरज कुमार भी सबसे बड़ा और अहम गवाह के रूप में सामने आया है। आरोप यह भी है कि घटना वाले दिन चेतन ने पुलिस को गुमराह करने के लिए नीरज से मोबाइल फोन बदल लिए थे। बताया जा रहा है कि चेतन ने नीरज का फोन अपने पास रखा और नीरज चेतन का फोन यूज़ करता रहा, ताकि उसकी लोकेशन पुणे में दिखाई दे।
हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच में नीरज के मोबाइल की लोकेशन लोहागढ़ इलाके में मिली। इससे पुलिस को शक और मजबूत हुआ कि चेतन घटनास्थल पर मौजूद था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि चेतन ने किले पर पहुंचने के लिए टिकट नहीं लिया था।
CCTV फुटेज से सामने आये कई सबूत
पुलिस के अनुसार, 18 जून के CCTV फुटेज में चेतन की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। जांच में पता चला कि वह किले पर चढ़ा और लगभग 40-45 मिनट बाद वापस नीचे उतर गया। पुलिस के मुताबिक, किले पर पहुंचने में करीब 25 मिनट और नीचे आने में करीब 15 मिनट लगते हैं। जांचकर्ताओं को शक है कि चेतन ने एक सुनसान स्थान पर तकरीबन 8 मिनट तक केतन और सिया का इंतजार किया था।
फुटेज में यह भी सामने आया है कि सिया यह देख रही थी कि चेतन उसका पीछे आ रहा है या नहीं। दोनों के बीच इशारे होने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस अब CCTV फुटेज और डिजिटल सबूतों को जोड़कर पूरी घटना की सख्ती से तैयार कर रही है।
जांच में यह भी दावा किया जा रहा है कि 31 मई को सिया और केतन लोहागढ़ किले गए थे। पुलिस के मुताबिक, उस दौरान केतन एक खतरनाक स्थान पर बैठा था और सिया ने उसे वहां से हटने के लिए कहा था। आरोप है कि इसी दौरान सिया के मन में उसे धक्का देने का तभी विचार आया।
पुलिस जांच के अनुसार, इससे पहले भी कथित तौर पर केतन को धक्का देने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह बच गया। उस वक़्त सिया ने कथित रूप से एक बहाना बनाया था। हालांकि, इन दावों की पुष्टि अबतक हुई सभी जांच और सबूतों के आधार पर की जा रही है।