'पहले धर्म , फिर बरसाईं गोलियां...' आतंकी हमले से फिर दहला कश्मीर, छावनी में तब्दील इलाका, 2 की मौत

Kulgam Terror Attack Row: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने ईंट भट्टे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने फायरिंग से पहले उनकी पहचान पूछी, हालांकि अधिकारियों ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है।

Update:2026-08-01 18:13 IST

Kulgam Terror Attack Row: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने एक बार फिर खौफनाक और कायरतापूर्ण वारदात को अंजाम दिया है। शुक्रवार की रात केलम इलाके में स्थित एक ईंट भट्टे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के 2 प्रवासी मजदूरों को आतंकवादियों ने निशाना बनाया। इस अचानक हुए हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे मजदूर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस खूनी हमले के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है। इस वारदात ने अप्रैल 2025 में हुए दर्दनाक पहलगाम आतंकी हमले के जख्मों को एक बार फिर ताजा कर दिया है।

गोली मारने से पहले पुछा जाति और समुदाय

इस जघन्य हत्याकांड के बाद मृतकों के परिजनों ने हमलावरों पर बेहद चौंकाने वाला आरोप लगाया है। मृत मजदूर दीपक के चाचा हलधर रात्रे ने मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि आतंकियों ने उन पर फायरिंग करने से पहले उनकी पहचान, जाति और समुदाय के बारे में पूछताछ की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मजदूरों ने अपनी पहचान बताई, उसके तुरंत बाद उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दी गईं। यद्यपि सुरक्षा अधिकारियों ने जाति पूछकर गोली मारने के दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने की निंदा

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार (1 अगस्त 2026) को इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि निर्दोष मजदूरों की पहचान पूछकर उन्हें मारना आतंकवाद की घटिया और क्रूर मानसिकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह पूरी मानवता के लिए एक बेहद शर्मनाक घटना है। खरगे ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और केंद्र सरकार से मांग की कि हमलावरों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाकर सख्त से सख्त सजा दी जाए।

रोजी-रोटी की तलाश में गए थे कश्मीर

हमले में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान शक्ति जिले के बुंदेली गांव के रहने वाले 24 साल के दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के रहने वाले 28 साल के भूपेंद्र भइना के रूप में हुई है। दोनों ही युवक अपने परिवारों का पेट पालने और रोजी-रोटी कमाने के मकसद से कुछ महीने पहले ही छत्तीसगढ़ से कश्मीर गए थे। दीपक अपने घर में अकेला कमाने वाला सदस्य था और उसके परिवार में उसकी बुजुर्ग मां, दिव्यांग छोटा भाई, पत्नी और महज 4 महीने का छोटा बेटा है। वहीं भूपेंद्र की पत्नी उनके साथ कश्मीर में ही थी, जबकि उनका 4 साल का मासूम बच्चा गांव में ही रिश्तेदारों के पास रह रहा था।

उमर अब्दुल्ला और विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोकघटना के बाद दोनों राज्यों के प्रशासनिक अमले में भारी हलचल देखने को मिल रही है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस आतंकी घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोनों मृतक मजदूरों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। उधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी घटना पर गहरा दुख जताया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जम्मू-कश्मीर प्रशासन से लगातार संपर्क में रहें। शक्ति के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) रूपेंद्र पटेल ने बताया कि स्थानीय प्रशासन पीड़ित परिजनों के संपर्क में है और शवों को जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव वापस लाने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।

सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी

हमले के तुरंत बाद भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने पूरे इलाके को घेरकर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आसपास के जंगलों और रिहायशी इलाकों में आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए घर-घर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी है ताकि शांति व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।

Tags:    

Similar News