PM Modi Appeal: पीएम मोदी की अपील के पीछे बड़ा कारण, 70 देशों में पहले से लागू है WFH पॉलिसी
PM Modi Appeal: वैश्विक तेल संकट के बीच पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम, ईंधन बचत और सोना खरीदने से बचने समेत 7 अहम अपीलें की हैं।
PM Modi Appeal
PM Modi Appeal: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से अपील करते हुए ईंधन की बचत और समझदारी से उपयोग पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने लोगों से वर्क फ्रॉम होम(WFH) को प्राथमिकता देने, सोने की खरीदारी कम करने, विदेश यात्रा टालने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने जैसी कुल सात महत्वपूर्ण अपीलें की हैं। PM मोदी का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यह कदम देश की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए बेहद ही जरूरी है।
वैश्विक तेल संकट और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति
बता दे यह अपील ऐसे समय में आई है जब ईरान में चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण दुनिया भर में तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। खासकर Strait of Hormuz, जो वैश्विक तेल व्यापार का एक अहम मार्ग माना जाता है, वहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल संकट गहरा गया है और कीमतों पर दबाव भी बढ़ा है। पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे कई पड़ोसी देशों ने पहले ही तेल की किल्लत को देखते हुए कई पाबंदियां लागू कर दी थीं। भारत में अभी तक स्थिति गंभीर नहीं हुई है क्योंकि देश के पास पर्याप्त स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व(Strategic Petroleum Reserve) मौजूद है, लेकिन सरकार फिर भी सतर्क है।
भारत में बचाव और आत्मनिर्भरता पर जोर
सरकार का मानना है कि अगर जनता ईंधन की खपत में समझदारी दिखाती है तो देश इस संभावित संकट से आसानी से निपट सकता है। PM मोदी ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल कामकाज को बढ़ावा देकर ईंधन की खपत कम की जा सकती है और इससे आर्थिक बोझ भी घटेगा। इसके साथ ही स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती अपनाने पर भी जोर दिया गया है।
70 देशों ने अपनाई वर्क फ्रॉम होम नीति
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के अनुसार दुनिया के लगभग 70 देश पहले ही इस तरह की नीतियां अपना चुके हैं। इनमें एशिया के कई देश जैसे पाकिस्तान, श्रीलंका, वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलीपींस शामिल हैं। वहीं यूरोप में इटली, स्पेन और जर्मनी जैसे देशों ने भी ऐसी रणनीति अपनाई है। चीन और जापान में आंशिक रूप से वर्क फ्रॉम होम और ईंधन बचत की नीतियां लागू हैं। इसके अलावा मेक्सिको, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी ऊर्जा संकट को देखते हुए कदम उठाए हैं।
अन्य देशों में ऊर्जा बचत के उपाय
कई देशों में AC के तापमान पर सीमा तय की गई है ताकि बिजली और ईंधन की खपत कम हो सके। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया है और निजी वाहनों के उपयोग पर भी नियंत्रण की कोशिश की जा रही है। सरकारी यात्राओं को सीमित किया गया है और ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए टैक्स में भी बदलाव किए गए हैं। कई देशों में डिजिटल कामकाज और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि ऊर्जा की बचत हो सके।
भारत की रणनीति और आगे की राह
भारत फिलहाल अपने रणनीतिक तेल भंडार और मजबूत आपूर्ति व्यवस्था के कारण स्थिर स्थिति में है। लेकिन सरकार का ध्यान इस बात पर है कि भविष्य में किसी भी तरह के संकट से बचने के लिए अभी से तैयारी की जाए ताकि हमें ऐसे समस्या का सामना न करना पड़े।