Lakshmi Bhandar Yojana: ममता सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना क्या है? जिसको लेकर CM सुवेंदु अधिकारी ने किया बड़ा ऐलान
Lakshmi Bhandar Yojana: सीएम सुवेंदु अधिकारी ने ऐलान किया है कि पश्चिम बंगाल में लक्ष्मी भंडार समेत सभी लाभार्थी योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
Lakshmi Bhandar Yojana
Lakshmi Bhandar Yojana: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने सोमवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य में पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना बंद नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जनता से जुड़ी किसी भी लाभकारी योजना को रोकने के पक्ष में नहीं है और सभी योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
कैबिनेट बैठक के बाद किया ऐलान
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी(Suvendu Adhikari News) ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, “लक्ष्मी भंडार नहीं रुकेगा और बंगाल में चल रही सभी लाभार्थी योजनाएं जारी रहेंगी।” उन्होंने बताया कि बैठक में कुल छह महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसके अलावा चुनाव आयोग को शांतिपूर्ण और हिंसा मुक्त चुनाव कराने के लिए धन्यवाद भी दिया गया। बैठक के दौरान राज्य में राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की गई।
महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण योजना (Lakshmi Bhandar Yojana Benefits)
‘लक्ष्मी भंडार’ योजना पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की सरकार की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक रही है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की 25 से 60 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 1200 रुपये दिए जाते हैं। वहीं अन्य वर्गों की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि मिलती है।
क्यों अहम रही योजना (Lakshmi Bhandar Yojana Importance)
लक्ष्मी भंडार योजना को तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता था। खासतौर पर महिलाओं के बीच इस योजना की लोकप्रियता काफी अधिक रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देकर मजबूत वोट बैंक तैयार करने में मददगार साबित हुई थी।