TMC में वापसी करेंगे बागी सांसद? सबसे बड़े सस्पेंस से उठा पर्दा, अटकलों पर लगा फुल स्टॉप
TMC Rebel MPs: क्या टीएमसी छोड़ने वाले बागी सांसद फिर से ममता बनर्जी के साथ जाएंगे? इस बड़े सियासी सस्पेंस पर अब तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। दिल्ली में हुई अहम बैठक के बाद बागी नेताओं ने अपने रुख को स्पष्ट किया और एनसीपीआई के साथ मजबूती से बने रहने का संकेत दिया।
TMC Rebel MPs: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर अलग रास्ता चुनने वाले बागी सांसदों को लेकर चल रहीं तमाम अफवाहों पर विराम लग गया है। हाल ही में मीडिया में ऐसी खबरें थीं कि नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए कई सांसद एनडीए गठबंधन के साथ तालमेल बिठाने में असहज महसूस कर रहे हैं और वे जल्द ही ममता बनर्जी के खेमे में लौट सकते हैं। हालांकि, अब सूत्रों ने इन दावों को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि गुट के भीतर कोई अनबन नहीं है। यूसुफ पठान और अबु ताहिर समेत सभी पूर्व टीएमसी सांसद मजबूती से एनसीपीआई के साथ बने हुए हैं।
दिल्ली में CM सुवेंद्रु अधिकारी के साथ खास लंच
मंगलवार 4 अगस्त 2026 को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठक हुई। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंद्रु अधिकारी ने एनसीपीआई में शामिल हुए बागी सांसदों के साथ विशेष लंच किया। इस लंच टेबल पर वे तमाम सांसद मौजूद रहे, जिनके पाला बदलने की चर्चाएं चल रही थीं। इस मुलाकात को राज्य के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि 8 जून 2026 की पिछली बातचीत के बाद मुख्यमंत्री और इस बागी संसदीय समूह के बीच कोई सीधी बैठक नहीं हुई थी।
बैठक के बाद नेताओं के रुख में दिखा भरोसा
लंच के बाद मीडिया से बात करते हुए नेताओं के बयानों से साफ हुआ कि संवाद काफी सकारात्मक रहा। बीजेपी नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने इसे केवल एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट बताया। वहीं दूसरी तरफ, टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात बहुत अच्छी रही। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और स्थानीय मुद्दों को सुलझाने को लेकर अहम सलाह मिली।
20 लोकसभा सांसदों का फैसला और स्पीकर का इंतजार
गौरतलब है कि राज्य विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी में बड़ी टूट हुई थी और 20 लोकसभा सांसदों ने बगावत करते हुए एनसीपीआई का दामन थाम लिया था। वर्तमान में ये सभी 20 सांसद संसद में एनडीए के सहयोगी के रूप में काम कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरे समूह की स्थिति को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है और सभी सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
BJP और NCPI में मजबूत होता तालमेल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में हुई यह लंच मीटिंग सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि गहरे सियासी तालमेल का संकेत है। राज्य सरकार और एनसीपीआई सांसदों के बीच संवाद से आपसी समन्वय मजबूत होगा। आने वाले समय में क्षेत्र के विकास, संसदीय रणनीति और सांगठनिक मुद्दों को बेहतर बनाने के लिए यह बैठक बेहद जरूरी मानी जा रही है। इससे यह साफ हो गया है कि बागी सांसद एनडीए के साथ पूरी तरह एकजुट हैं।