BJP छोड़ते ही शहजाद पूनावाला के बदले तेवर! सरकार के खिलाफ खोल दिया मोर्चा, बोले- "दिन-दहाड़े हो रही लूट..."
Shehzad Poonawalla Slams BJP: बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला के तेवर पूरी तरह बदल गए हैं। उन्होंने सरकारों की टैक्स व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग को दिन-दहाड़े लूटा जा रहा है।
Shehzad Poonawalla Slams BJP: देश के प्रमुख टीवी चैनलों पर भारतीय जनता पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाले तेज-तर्रार नेता शहजाद पूनावाला ने 17 अगस्त 2026 को अचानक पार्टी से इस्तीफा देकर हर किसी को हैरान कर दिया। अपने इस्तीफे का आधिकारिक पत्र उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। हालांकि, पार्टी छोड़ने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने देश के मध्यम वर्ग की आवाज़ उठाते हुए सत्ता तंत्र और सरकारों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। उनके इस अप्रत्याशित कदम ने देश के राजनीतिक और आर्थिक हलकों में एक नई सनसनी फैला दी है।
टैक्स व्यवस्था पर बोला तीखा हमला
शहजाद पूनावाला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक और आक्रामक वीडियो जारी करते हुए कहा कि भारत का नौकरीपेशा और आम मध्यम वर्ग सरकारों के लिए महज एक 'एटीएम' बनकर रह गया है। उन्होंने बेहद तीखे शब्दों में आरोप लगाया कि देश के मिडिल क्लास को दिन-दहाड़े लूटा जा रहा है। पूनावाला ने साफ तौर पर कहा कि जब तक देश के नागरिकों को विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक नौकरीपेशा वर्ग के लिए पर्सनल इनकम टैक्स को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए।
सरकारी तंत्र पर दागे तीखे सवाल
18 अगस्त 2026 को किए गए अपने दूसरे ट्वीट में पूनावाला ने देश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की खस्ताहाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक आम इंसान जिंदगी भर भारी-भरकम टैक्स भरता है, लेकिन जब बच्चे को पढ़ाने की बारी आती है तो उसे प्राइवेट स्कूल की तरफ भागना पड़ता है। ठीक इसी तरह, बुजुर्ग माता-पिता के इलाज के लिए भी इंसान प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर काटने पर मजबूर है। उन्होंने सवाल पूछा कि जब हर चीज के लिए जनता को अलग से जेब ढीली करनी है, तो फिर भारी टैक्स किस बात का वसूला जा रहा है?
सिंगापुर जैसी सुविधाओं की मांग
पूनावाला ने देश की कर-प्रणाली का गणित समझाते हुए कहा कि आम नागरिक इनकम टैक्स, जीएसटी (GST), टोल टैक्स, सेस, ईंधन पर टैक्स और स्थानीय करों के रूप में अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा दे देता है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को सिंगापुर जैसे देशों की तर्ज पर कम टैक्स दरें, बेहतरीन सड़कें, सुव्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन और स्वच्छ हवा-पानी मिलना ही चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि टैक्स वसूलने वाली हर एक अथॉरिटी से जनता को अपने एक-एक रुपये का पूरा हिसाब चाहिए।
सैलरीड क्लास को तुरंत मिले राहत
पूर्व बीजेपी प्रवक्ता ने नौकरीपेशा वर्ग पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश का विकास करने वाले सैलरीड कर्मचारियों पर टैक्स का इतना भारी दबाव नहीं होना चाहिए। पूनावाला ने सभी सरकारों से एकजुट होकर अपील की कि मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए कर दरों में तत्काल कटौती की जाए। उनके इस वीडियो और बयानों ने अब पूरे देश में टैक्सपेयर्स के अधिकारों को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।