Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Resigns: विजय ने मुख्यमंत्री बनते ही क्यों दिया इस्तीफा? जानें उनकी चुनी हुई विधानसभा सीट
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Resigns: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद TVK चीफ विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट से इस्तीफा दे दिया है।
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Oath Ceremony
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Resigns: तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात करते हुए तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख विजय ने रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में दो निर्वाचन क्षेत्रों से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले विजय ने अब अपनी राजनीतिक भविष्य की दिशा स्पष्ट कर दी है। उन्होंने तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट से इस्तीफा दे दिया है और पेरम्बूर विधानसभा सीट को बरकरार रखने का निर्णय लिया है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने से ठीक पहले विजय ने अपना त्याग पत्र विधानसभा के प्रमुख सचिव के. श्रीनिवासन को सौंपा। यह पत्र उनके कैबिनेट सहयोगियों के.ए. सेंगोट्टैयन और पी. वेंकटरमन के माध्यम से भिजवाया गया। इस इस्तीफे के बाद विधानसभा में टीवीके की कुल सदस्य संख्या 108 से घटकर 107 हो गई है।
60 साल बाद टूटा द्रविड़ दलों का वर्चस्व
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में विजय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह क्षण तमिलनाडु के इतिहास में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले छह दशकों में पहली बार राज्य की सत्ता द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के हाथों से निकलकर किसी तीसरे दल के पास पहुंची है। शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार "वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय" के सिद्धांतों पर आधारित होगी।
सत्ता का एकमात्र केंद्र और आम आदमी की छवि
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पहले भाषण में शासन के ढांचे को लेकर एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि उनकी सरकार में सत्ता के कई केंद्र नहीं होंगे, बल्कि वह स्वयं जवाबदेही के एकमात्र केंद्र होंगे। उन्होंने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढिलाई को रोकने के लिए एक पारदर्शी शासन व्यवस्था का वादा किया।
भावुक अपील करते हुए विजय ने खुद को एक "आम आदमी" के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि वह किसी शाही घराने या स्थापित राजनीतिक वंश से नहीं आते हैं, बल्कि एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर यहां तक पहुंचे हैं। एक सहायक फिल्म निर्देशक के बेटे के रूप में अपनी शुरुआती कठिनाइयों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह गरीबी और भूख की जमीनी हकीकत को समझते हैं। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि वह मुख्यमंत्री बनकर भी उनके परिवार के एक सदस्य, एक बेटे या भाई की तरह ही काम करेंगे।