PA Chandranath Rath Murder: UPI Payment ने खोला शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या का राज, टोल प्लाजा से मिला बड़ा सुराग

PA Chandranath Rath Murder: शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा।टोल प्लाजा पर किए गए एक UPI पेमेंट ने पुलिस को हत्यारों तक पहुंचा दिया। CCTV फुटेज, प्रोफेशनल शूटर और कई राज्यों तक फैली जांच ने बंगाल की राजनीति में मचा दी सनसनी।

Update:2026-05-10 15:34 IST

PA Chandranath Rath Murder: पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य की राजनीति उस वक्त दहल गई जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज मामले में अब जांच की सुई एक ऐसे तकनीकी सबूत की ओर मुड़ गई है, जिसने पुलिस के लिए अंधेरे में टॉर्च का काम किया है। इस पूरी हत्या की गुत्थी अब एक 'यूपीआई पेमेंट' (UPI Payment) के इर्द-गिर्द सिमट गई है। जांच में जुटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को एक टोल प्लाजा पर वह सुराग हाथ लगा है, जिसने हत्यारों के भागने के रास्ते और उनकी पहचान को लगभग साफ कर दिया है।

टोल प्लाजा पर एक गलती और बेनकाब हुए हत्यारे

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या में इस्तेमाल की गई कार घटना से कुछ समय पहले एक टोल प्लाजा से गुजरी थी। आमतौर पर अपराधी ऐसी वारदातों में नकद लेनदेन करना पसंद करते हैं ताकि कोई डिजिटल रिकॉर्ड न बचे, लेकिन यहां एक आरोपी ने बड़ी चूक कर दी। उसने टोल का भुगतान करने के लिए नकद के बजाय यूपीआई का इस्तेमाल किया। बस यहीं से पुलिस के हाथ वह मोबाइल नंबर लग गया, जिसके जरिए आरोपियों की असली पहचान उजागर हो गई। इसके साथ ही टोल प्लाजा पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों ने कार के अंदर बैठे हमलावरों की साफ तस्वीरें भी कैद कर लीं, जिससे अब पुलिस के पास आरोपियों के चेहरे और नंबर दोनों मौजूद हैं।

शार्प शूटरों का पेशेवर अंदाज और सटीक 'रेकी'

एसआईटी की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों को इस बात की सटीक जानकारी थी कि चंद्रनाथ रथ कार के अंदर किस तरफ और किस सीट पर बैठे हैं। उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम जैसी व्यस्त सड़क पर जिस तेजी और पेशेवर अंदाज में गोली मारी गई, उससे साफ है कि हमलावरों ने कई दिनों तक 'रेकी' की थी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस हत्या को अंजाम देने के लिए पश्चिम बंगाल के बाहर से पेशेवर शूटरों को बुलाया गया था। पुलिस ने अब तक तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई है।

यूपी और झारखंड तक पहुंचा जांच का जाल

चंद्रनाथ रथ की हत्या के तार अब पड़ोसी राज्यों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। सात सदस्यीय विशेष जांच दल, जिसमें सीआईडी, आईबी और एसटीएफ के दिग्गज अधिकारी शामिल हैं, अब सबूतों की तलाश में उत्तर प्रदेश और झारखंड के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस ने मध्यमग्राम से करीब छह किलोमीटर दूर बारासात के पास से हमले में इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। जांच अधिकारियों का मानना है कि हत्या के बाद शूटरों ने राज्य की सीमा पार कर ली होगी, इसलिए सीमावर्ती जिलों के थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

बाहरी शूटर और स्थानीय मदद की थ्योरी

पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड में केवल बाहरी शूटर ही शामिल नहीं थे, बल्कि उन्हें स्थानीय अपराधियों ने साजो-सामान और पल-पल की खबर देकर मदद पहुंचाई थी। जिस तरह से 36 घंटों के भीतर जांच का दायरा डिजिटल पेमेंट से लेकर दूसरे राज्यों तक फैला है, उससे साफ है कि प्रशासन पर इस मामले को सुलझाने का भारी दबाव है। शुभेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि यूपीआई पेमेंट से मिला यह डिजिटल सिरा पुलिस को इन पेशेवर शूटरों तक कब तक पहुंचा पाता है। फिलहाल, पूरे बंगाल में इस हत्याकांड को लेकर राजनीतिक उबाल चरम पर है।

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