MP News: बालाघाट में बीमारी का कहर! बैगा अंचल में 7 बच्चों की मौत, 45 अस्पताल में भर्ती, गांव-गांव पहुंची स्वास्थ्य टीमें

MP News: पिछले करीब डेढ़ महीने में 7 बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 45 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल में भर्ती बच्चों की उम्र करीब 4 से 10 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

Update:2026-08-11 14:30 IST

MP News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बालाघाट (Balaghat) जिले के आदिवासी और बैगा बहुल इलाकों में बारिश (Rain) के साथ मौसमी बीमारियों (Seasonal Diseases) का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बिरसा क्षेत्र के कोरका, बोंदारी, कुंडेकसा और अडोरी समेत कई गांवों में बच्चे मलेरिया (Malaria), डायरिया (Diarrhea), टाइफाइड (Typhoid), निमोनिया (Pneumonia) और त्वचा संक्रमण (Skin Infection) की चपेट में आ रहे हैं।

पिछले करीब डेढ़ महीने में 7 बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 45 बच्चे जिला अस्पताल (District Hospital) में भर्ती हैं। अस्पताल में भर्ती बच्चों की उम्र करीब 4 से 10 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

कई गांवों में तेजी से बढ़ रहे बीमारी के मामले

बारिश के मौसम में बैगा अंचल (Baiga Region) के दूरस्थ गांवों में बीमारियों का असर तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में बच्चों में बुखार (Fever), उल्टी-दस्त (Vomiting and Diarrhea), सांस संबंधी परेशानी (Breathing Problems) और त्वचा संक्रमण जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। बिरसा क्षेत्र के कई गांवों से लगातार बीमार बच्चों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय लाया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरस्थ और जंगल से जुड़े गांवों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं (Healthcare Services) पहुंचाना है। बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों (Health Teams) को तैनात किया है।

जिला अस्पताल में 45 बच्चों का चल रहा इलाज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित 45 बच्चों का जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। इनमें कई बच्चे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे हैं। डॉक्टरों (Doctors) की निगरानी में बच्चों की जांच और उपचार किया जा रहा है।

पिछले करीब डेढ़ महीने में 7 बच्चों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य अमले की टीमें गांवों में जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग (Health Screening) कर रही हैं और संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है।

प्रभावित गांवों में पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें

बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कोरका, बोंदारी, कुंडेकसा, अडोरी समेत अन्य प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य कर्मचारियों को भेजा है। टीमें ग्रामीणों की जांच करने के साथ बीमारी के लक्षण वाले बच्चों की पहचान कर रही हैं।

ग्रामीणों को साफ-सफाई (Cleanliness), सुरक्षित पानी (Safe Drinking Water) और बारिश के मौसम में बीमारियों से बचाव के तरीकों की जानकारी भी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी जा रही है।

मेडिकल कॉलेज और आईसीएमआर की टीम ने किया दौरा

स्थिति का जायजा लेने के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर (Medical College Jabalpur) और आईसीएमआर जबलपुर (ICMR Jabalpur) की टीम भी प्रभावित गांवों में पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली।

टीम ने ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचाव और साफ-सफाई के महत्व के बारे में भी बताया। स्वास्थ्य विभाग अब इन इलाकों में बीमारी के कारणों और संक्रमण की स्थिति पर नजर रख रहा है। गांवों में लगातार जांच और उपचार का काम जारी है।

विधायक और स्वास्थ्य अधिकारी ने दी जानकारी

बीमारी के बढ़ते मामलों को लेकर स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे (Anubha Munjare) ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। वहीं जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन (Dr Nilay Jain) के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती बच्चों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में सक्रिय हैं। विभाग का प्रयास है कि बीमार बच्चों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर इलाज मिले और बीमारी को दूसरे इलाकों में फैलने से रोका जा सके। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य जांच और उपचार का सिलसिला लगातार जारी है।

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