Aligarh News: कलेक्ट्रेट में तिरंगे की शान, डीएम ने कहा - नियम के साथ न्याय जरूरी, देश पहले"
Aligarh News: अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में डीएम अविनाश कुमार ने फहराया तिरंगा, नियम संग न्याय पर जोर
Aligarh Independence Day
Aligarh News:-15 अगस्त 202 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शुक्रवार को अलीगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने सुबह 9 बजे परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर राष्ट्र के अमर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। तिरंगे के लहराते ही "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
ध्वजारोहण के बाद डीएम ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित क्रांतिकारियों, शहीदों और वीर जवानों की स्मृति में बने जय स्तंभ पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर भी श्रद्धासुमन चढ़ाकर उन्हें याद किया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सलामी दी।
कार्यक्रम का खास आकर्षण "आजादी का अमृत महोत्सव पार्क" में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। नन्हें-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति गीतों, नृत्य और नाटिकाओं के जरिए शहीदों के बलिदान को जीवंत कर दिया। बच्चों की ऊर्जा और जोश देखकर मौजूद हर आंख नम हो गई। जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को प्रतीक चिन्ह, प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया और उनकी सराहना की।
"स्वार्थ छोड़कर त्याग किया, तभी आज हम आजाद हैं"
इस अवसर पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और लाखों अज्ञात शहीदों के त्याग को याद करने का दिन है।
उन्होंने कहा, "अगर हमारे स्वतंत्रता सेनानी अपने समय में स्वार्थ और सुविधा को प्राथमिकता देकर व्यावहारिक हो गए होते, तो आज हम आजाद भारत में सांस नहीं ले रहे होते। उनके जज्बे की लौ आज भी हमारे अंदर जलनी चाहिए। उसे राष्ट्र निर्माण में लगाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"
डीएम ने कलेक्ट्रेट को लोकतंत्र का सबसे बड़ा केंद्र बताया। उन्होंने कहा, "यहां आने वाला हर व्यक्ति यह महसूस करे कि उसे अपनी बात रखने, समस्या बताने और सवाल पूछने की पूरी आजादी है। नियम और न्याय में फर्क है। न्याय के लिए नियमों का इस्तेमाल होना चाहिए, न्याय को रोकने के लिए नहीं। हमारा काम सिर्फ फाइल पर नियम लिखना नहीं है, बल्कि नियमों के साथ न्याय सुनिश्चित करना है।"
कर्तव्य ही सच्ची देशभक्ति
जिलाधिकारी ने कहा कि संविधान ने हमें अधिकारों के साथ कर्तव्य भी दिए हैं। राष्ट्र निर्माण सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। देश को स्वच्छ रखना, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना, अपने काम को ईमानदारी से करना और दूसरों की तकलीफ में साथ खड़ा होना भी देशभक्ति है।उन्होंने हाल में निकाली गई तिरंगा यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि सड़कों पर "भारत माता की जय" के नारे लगाना तभी सार्थक होगा जब हम अपने रोजमर्रा के व्यवहार में भी देश के प्रति जिम्मेदारी दिखाएं।
बच्चों में अच्छे संस्कार डालने की जिम्मेदारी स्कूलों के साथ माता-पिता की भी है।डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे हर फाइल, हर निर्णय में पहले "राष्ट्रहित और जनहित" को रखें। उन्होंने कहा, "अगर हर व्यक्ति अपना दायित्व ईमानदारी से निभाए और राष्ट्र को पहले रखे, तो कई समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी।
हमें अतिरिक्त पुलिसिंग और नियंत्रण की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। यही स्वतंत्रता दिवस का असली संदेश है।"कार्यक्रम के अंत में कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। डीएम समेत सभी अधिकारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन कामिनी शर्मा ने किया। इस मौके पर सीडीओ, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
Aligarh News:-"कर्तव्य ही सबसे बड़ी पूजा": अलीगढ़ पुलिस लाइन में एसएसपी ने फहराया तिरंगा, 100 पुलिसकर्मी सम्मानित, वीरों को मिली सलामी
Aligarh News:-15 अगस्त 2026 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को अलीगढ़ पुलिस लाइन क्वार्टर गार्द पर देशभक्ति का माहौल था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और शहीदों को नमन किया। तिरंगे के सम्मान में पुलिस बैंड की धुन और "भारत माता की जय" के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
ध्वजारोहण के बाद एसएसपी महोदय ने परेड का निरीक्षण किया और सभी पुलिसकर्मियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाते हुए कहा कि पुलिस का धर्म है। आमजन के स्वतंत्रता अधिकारों की रक्षा करना। पीड़ित, असहाय, वृद्ध, महिलाओं और बच्चों की मदद कर उन्हें सुरक्षा का एहसास दिलाना ही हमारी असली सेवा है। उन्होंने सभी से कानून का पालन कराते हुए संवेदनशीलता और मानवता के साथ ड्यूटी करने का आह्वान किया।
समारोह का सबसे गौरवपूर्ण पल तब आया जब सराहनीय सेवा के लिए चयनित पुलिसकर्मियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रदत्त सराहनीय सेवा पदकउप निरीक्षक नागरिक पुलिस सुरेन्द्र पाल शर्मा पीएनओ- 862530417 और उप निरीक्षक नागरिक पुलिस सत्येन्द्र कुमार पीएनओ- 862540209 को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला।पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 लखनऊ द्वारा प्रदत्त सराहनीय सेवा सम्मान चिन्हउप निरीक्षक नागरिक पुलिस प्रमोद कुमार सिंह पीएनओ- 882280112, मुख्य आरक्षी सशस्त्र पुलिस प्रेमचन्द पीएनओ- 880590644 और मुख्य आरक्षी चालक चन्द्रपाल पीएनओ- 862029153 को सम्मान चिन्ह प्रदान किए गए।
डीजी प्रशंसा चिन्ह रजत पदक
मुख्य आरक्षी अरविन्द पाल सिंह सशस्त्र पुलिस पीएनओ-860710082 और मुख्य आरक्षी संजीव सिंह पीएनओ- 062910170 को रजत पदक से अलंकृत किया गया।अलीगढ एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने मेडल विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस पेंशनर्स को भी सम्मानित कर उनके योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में जनपद स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और संवेदनशील घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने वाले 100 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। एसएसपी ने कहा कि ये सम्मान उन सभी जवानों के लिए प्रेरणा हैं। जो दिन-रात जनता की सुरक्षा में लगे हैं।
पुलिस लाइन में हुआ यह समारोह अनुशासन, समर्पण और सेवा भाव का प्रतीक बना। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।