Lucknow News: अष्टमी और रामनवमी पर प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में होगा अखंड रामचरितमानस पाठ, हर मंडली को सरकार देगी 5 हजार रूपए का मानदेय

प्रदेश सरकार ने अष्टमी और रामनवमी के पावन अवसर पर प्रदेशभर के प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में रामचरितमानस का अखंड पाठ आयोजित करने का निर्णय लिया है।;

Update:2025-04-04 20:49 IST

Lucknow News: Photo-Social Media

Lucknow News: प्रदेश सरकार ने अष्टमी और रामनवमी के पावन अवसर पर प्रदेशभर के प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में रामचरितमानस का अखंड पाठ आयोजित करने का निर्णय लिया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को इस आयोजन की घोषणा की है। बता दें कि प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में रामचरितमानस का अखंड पाठ 5 और 6 अप्रैल को किया जाएगा और इसे चयनित भजन मंडलियों द्वारा संपन्न किया जाएगा। हर मंडली को इस कार्य के लिए 5 हजार रूपए का मानदेय भी दिया जाएगा।

महिलाओं और बालिकाओं की विशेष सहभागिता सुनिश्चित

इस बार इस आयोजन में विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही, सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। सभी जिलों में 24 घंटे का अखंड रामचरितमानस पाठ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रामनवमी के दिन श्रीरामजन्मभूमि में पूर्णाहुति

5 अप्रैल को दोपहर से शुरू होने वाला यह अखंड मानस पाठ 6 अप्रैल को श्रीरामनवमी के दिन श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला के सूर्य तिलक के साथ समाप्त होगा। इस अवसर पर विशेष अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे।

विशेष अनुष्ठान और लोक कलाकारों की प्रस्तुति

अष्टमी (5 अप्रैल) और श्रीराम नवमी (6 अप्रैल) के दिन प्रदेश के प्रमुख राम मंदिरों, हनुमान मंदिरों, देवी मंदिरों, वाल्मीकि मंदिरों और शक्तिपीठों में विशेष अनुष्ठान होंगे। वहीं जिलों में स्थानीय भजन मंडलियों और लोक कलाकारों की प्रस्तुति सुनिश्चित करने के लिए समितियों का गठन किया गया है और इसके लिए शासनादेश भी जारी किया गया है। कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त 5 हजार रुपये की धनराशि आवंटित की गई है।

कलाकारों का चयन ई-डायरेक्टरी के माध्यम से

अष्टमी और रामनवमी के पावन अवसर पर प्रदेशभर के प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में रामचरितमानस का अखंड पाठ को लेकर संस्कृति विभाग ने इस कार्यक्रम के लिए कलाकारों का चयन ई-डायरेक्टरी के माध्यम से किया है। ताकि आयोजन में सहभागिता करने वाले सभी कलाकारों का चयन पारदर्शी और समुचित तरीके से किया जा सके।

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