Chandauli News : भीम आर्मी का सदस्यता अभियान, उपेन्द्र गाडगे कर रहे जन-जागरण

Chandauli News: चंदौली में भीम आर्मी ने सदस्यता अभियान शुरू किया, उपेन्द्र गाडगे गाँव-गाँव जाकर लोगों को जोड़ रहे हैं संगठन से।

Update:2025-09-30 14:22 IST

Bhim Army Chandauli News

Chandauli News: चंदौली में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने एक बड़ा सदस्यता अभियान शुरू किया है। इस मिशन की कमान चंदौली जिलाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार गाडगे ने संभाल रखी है। उनका लक्ष्य है गाँव-गाँव, घर-घर जाकर लोगों को मिशन के उद्देश्यों से जोड़ना और उन्हें संगठित करना। इसी कड़ी में उन्होंने नर्वदापुर गाँव से इस अभियान की शुरुआत की और कई लोगों को मिशन की सदस्यता दिलाई। गाडगे खुद पैदल और साइकिल से गाँवों का दौरा कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को जगाया जा सके और संगठन को मजबूत किया जा सके।

नर्वदापुर से हुई अभियान की शुरुआत

भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार गाडगे ने अपने इस 'जन-जागरण' और सदस्यता अभियान की शुरुआत नर्वदापुर गाँव से की। उन्होंने गाँव में लोगों के बीच पहुँचकर उन्हें बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों और संविधान के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने यह भी समझाया कि कैसे संगठन समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए काम कर रहा है। उनकी बातों से प्रभावित होकर नर्वदापुर गाँव के कई लोगों ने भीम आर्मी भारत एकता मिशन की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान, गाडगे ने नए सदस्यों को मिशन के संविधान और नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें समाज के लिए काम करने की शपथ दिलाई।

पैदल और साइकिल यात्रा का उद्देश्य

जिलाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार गाडगे ने एक अनोखा तरीका अपनाया है। उन्होंने फैसला किया है कि वह पैदल और साइकिल से ही जिले के विभिन्न गाँवों का दौरा करेंगे। उनका यह कदम दिखाता है कि वह लोगों से सीधा और व्यक्तिगत जुड़ाव बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि इस तरह से यात्रा करने पर वह गाँवों में रहने वाले सामान्य और गरीब लोगों से आसानी से मिल पाएंगे और उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।

'संगठित हो जाओ' है मुख्य संदेश

गाडगे का मुख्य उद्देश्य लोगों को संगठित करना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उनका कहना है कि जब तक समाज के सभी वर्ग एक साथ नहीं आएँगे, तब तक उनकी आवाज कमजोर रहेगी। यह सदस्यता अभियान केवल संख्या बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि एकजुटता की शक्ति को बढ़ाने के लिए है। उनका यह प्रयास चंदौली में भीम आर्मी की जड़ें मजबूत करने और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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